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जानलेवा हमले के दो आरोपियों को 10 वर्ष की कैद

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सुल्तानपुर। जानलेवा हमला करने के मामले में सोमवार को स्पेशल जज एससी/एसटी एक्ट एवं एडीजे प्रथम इंतेखाब आलम ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष की कैद व 20-20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। कोर्ट ने जुर्माना की 90 फीसदी धनराशि पीड़ित को देनेेे का आदेश दिया है।
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घटना कोतवाली देहात थाने के पूरे किरता गांव की है। गांव के रामदास सरोज की राजेंद्र सिंह व नागेंद्र बहादुर सिंह से रंजिश चल रही थी। आरोप है कि रामदास का पुत्र जगनरायन सरोज 23 दिसंबर 1998 को दुकान से तेल लेकर घर लौट रहा था। कुछ दूर पहुंचने पर पहले से घात लगाकर बैठे राजेंद्र सिंह व नागेंद्र बहादुर सिंह ने तमंचे से गोली मारकर जग नरायन सरोज को घायल कर दिया था। गंभीर हालत में परिवारीजनों ने जग नरायन सरोज को अस्पताल में भर्ती कराया था। पुलिस ने जग नरायन के पिता रामदास की तहरीर पर राजेंद्र सिंह व नागेंद्र बहादुर सिंह के खिलाफ जानलेवा हमला व दलित उत्पीड़न का केस दर्ज किया था। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक गोरखनाथ शुक्ल ने घटना को साबित करने के लिए सात गवाहों को कोर्ट में पेश किया।
स्पेशल जज एससी/एसटी एक्ट/एडीजे प्रथम इंतेखाब आलम ने सोमवार को दोनों पक्षों की बहस व साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपियों राजेंद्र सिंह व नागेंद्र बहादुर सिंह को जानलेवा हमला करने का दोषी करार दिया। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 10 वर्ष की कैद व 20-20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने पर आरोपियों को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। जुर्माना की 90 फीसदी धनराशि पीड़ित को जग नरायन सरोज को मिलेगी।
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