कादीपुर (सुल्तानपुर)। बसपा के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद सतीश चंद्र मिश्र ने कहा कि भाजपा सरकार में ब्राह्मणों का सबसे ज्यादा उत्पीड़न हो रहा है। प्रदेश में ब्राह्मणों की हत्या कराई जा रही है।
भाजपा को झूठ का सौदागर बताते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान दो करोड़ नवजवानों को प्रति वर्ष नौकरी देने का वादा करने वाली भाजपा सरकार ने नौकरी तो नहीं दी लेकिन तमाम लोगों को बेरोजगार जरूर कर दिया। कादीपुर कस्बे में बृहस्पतिवार को ब्राह्मण सम्मेलन के बहाने चुनावी बिगुल बजाते हुए उन्होंने भाजपा के साथ सपा को भी निशाने पर लिया।
प्रबुद्ध सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा सरकार सरकारी संस्थाओं को चुनिंदा उद्योगपतियों के हाथों में देकर बेरोजगारी बढ़ा रही है। महिलाओं को गैस सिलेंडर देकर दो सौ रुपये के सिलेंडर के दाम हजार रुपये कर दिए गए।
दाम बढ़ने से किचन का मासिक बजट गड़बड़ा गया है। किसान बिल जमीन हड़पने के लिए लाया गया है। बिल के विरुद्ध देशभर के किसान आंदोलित हैं। अभी तक पांच सौ किसानों की जान जा चुकी है। उन्होंने नोटबंदी, जीएसटी से छोटे व मझोले कारखानों को बंद करने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने सरकार पर मंदिरों से भी ब्राह्मण पुरोहितों को हटाने, संस्कृत विद्यालयों को बंद करके देश की संस्कृति एवं सनातन धर्म को समाप्त करने की साजिश का आरोप लगाया। राम मंदिर निर्माण की नींव पड़ने के पहले ही हजारों करोड़ रुपये चंदा जमा करने का भी आरोप मढ़ा।
भाजपा व सपा को एक ही सिक्के का दो पहलू बताते हुए कहा कि सपा ने ब्राह्मण नेताओं को अपनी सरकार में बेकार के मंत्रालयों की जिम्मेदारी देकर अपमानित किया। प्रदेश में 13 फीसदी होने के बाद भी भाजपा व सपा की 10 वर्षों की सरकार में ब्राह्मण उपेक्षित रहा।
राजनीति में ब्राह्मणों का पराभव शुरू हो गया है, जबकि प्रदेश में वर्ष 2007 में बसपा की सरकार बनने पर ब्राह्मण समाज को बसपा की राष्ट्रीय मायावती ने महत्वपूर्ण स्थान देकर पूरा सम्मान दिया था। मायावती ने 82 ब्राह्मणों को विधानसभा का टिकट दिया था।
इसमें 45 ब्राह्मण चुनाव जीत कर आए थे। ब्राह्मणों को बड़े-बड़े मंत्रालय दिए गए। प्रदेश में 15 ब्राह्मण नेताओं को विधान परिषद का सदस्य बनाया गया। 35 ब्राह्मण को निगम का अध्यक्ष व उपाध्यक्ष बनाकर सम्मान बढ़ाया गया। उन्होंने कानपुर की खुशी दुबे को बिना किसी गुनाह के जेल में बंद किए जाने के लिए प्रदेश सरकार को जिम्मेदार बताया।
उन्होंने ब्राह्मणों से बसपा के पक्ष में एकजुट होने का आह्वान किया। प्रदेश के पूर्व मंत्री नकुल दुबे ने ब्राह्मण समाज को बीते साढ़े चार वर्ष से अपमान का बदला लेने के लिए जनेऊ का संकल्प दिलाया और भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने की अपील की।
कार्यक्रम में पहुंचने पर सांसद सतीश चंद्र मिश्र को बसपा नेता डॉ. डीएस मिश्रा ने चाणक्य सम्मान 2021 प्रदान किया वहीं डॉ. शैलेंद्र त्रिपाठी उन्हें हाथी की प्रतिमा भेंट। ब्राह्मणों ने स्वस्तिवाचन कर शंखनाद किया।
इस मौके पर एमएलसी दिनेश चंद्रा, पूर्व एमएलसी डॉ. ओपी त्रिपाठी, पूर्व विधायक भगेलू राम, सर्वेंद्र अंबेडकर, जिलाध्यक्ष रमेश गौतम, राकेश रंजन, रामसूरत प्रजापति, अजय कुमार, लंभुआ के विजय तिवारी, भारत पांडेय, लालमणि मिश्र, धर्मनारायण तिवारी, दिनेश मिश्र आदि मौजूद रहे।