सुल्तानपुर। सरकार की ओर से सौ दिन के भीतर विद्यालयों को ऑपरेशन कायाकल्प योजना के तहत संतृप्त करने का लक्ष्य बेसिक शिक्षा विभाग पूरा नहीं कर सका है। ज्यादातर विद्यालय सभी 19 बिंदुओं पर खरा नहीं उतर सके हैं। हालात ये हैं कि 810 विद्यालयों में अब भी बाउंड्रीवाल नहीं है। वहीं, 854 विद्यालयों में फर्नीचर उपलब्ध नहीं है। रंग-रोगन की व्यवस्था में भी विद्यालय पिछड़े हुए हैं। 607 विद्यालयों में रंगाई-पुताई का काम नहीं हो सका है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूसरे कार्यकाल में सभी विभागों का सौ दिन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके अंतर्गत परिषदीय विद्यालयों को ऑपरेशन कायाकल्प योजना के 19 बिंदुओं से शत-प्रतिशत संतृप्त किया जाना था। लक्ष्य की तुलना में ऑपरेशन कायाकल्प योजना का काम संतोषजनक नहीं हुआ है। ब्लैक बोर्ड को छोड़कर किसी भी बिंदु पर सौ फीसदी काम नहीं हो पाया है।
योजना के लिए ग्राम पंचायत निधि से ग्राम प्रधानों व पंचायत सचिवों से समन्वय स्थापित करते हुए प्रधानाध्यापकों को काम कराना था लेकिन ज्यादातर जगहों पर शासन की मंशा के अनुसार काम नहीं हो सका है। न विद्यालयों में बाउंड्रीवाल का निर्माण हो सका और न ही विद्यार्थियों के बैठने के लिए फर्नीचर की व्यवस्था ही हो पाई है। पोर्टल पर दिए गये आकड़ों के मुताबिक 2062 विद्यालयों में ब्लैक बोर्ड स्थापित हैं। इसके अलावा शेष सभी बिंदुओं पर विद्यालय पूरी तरह से संतृप्त नहीं हैं।
ऑपरेशन कायाकल्प योजना में 19 बिंदु निर्धारित किए गये हैं। पोर्टल पर अपडेट की गई सूचना के मुताबिक 2062 विद्यालयों में से सात में पेयजल की व्यवस्था नहीं है। 127 विद्यालयों में ब्वॉयज टॉयलेट और 101 विद्यालयों में गर्ल्स टॉयलेट नहीं बने हैं। 140 विद्यालयों में टॉयलेट तक जलापूर्ति हुई है। 164 विद्यालयों के टॉयलेटों में टाइल्स भी नहीं लगे हैं।
834 विद्यालयों में दिव्यांग प्रसाधन नहीं बने हैं। 60 विद्यालयों में मल्टिपल हैंडवॉशिंग की व्यवस्था नहीं है। 148 विद्यालयों में कक्षा कक्षों में टाइल्स नहीं लगे हैं। 158 विद्यालयों में किचन शेड का निर्माण नहीं हुआ है। 607 विद्यालय भवनों की रंगाई-पुताई नहीं हुई है। 104 विद्यालयों में रैंप रेलिंग की व्यवस्था नहीं है। 110 विद्यालयों में विद्युत उपकरण नहीं हैं।
315 विद्यालयों में बिजली कनेक्शन भी नहीं हैं। 330 विद्यालयों में ब्वॉयज यूरिनल और 293 विद्यालयों में गर्ल्स यूरिनल की व्यवस्था नहीं है। 854 विद्यालय फर्नीचर विहीन हैं। 119 विद्यालय में रनिंग वाटर की व्यवस्था नहीं है। 810 विद्यालयों में बाउंड्रीवाल नहीं है। सभी 2062 विद्यालयों में ब्लैक बोर्ड की सुविधा उपलब्ध है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दीपिका चतुर्वेदी ने बताया कि ऑपरेशन कायाकल्प योजना में लगभग 90 फीसदी काम हुए हैं। बाउंड्रीवाल व फर्नीचर में बड़े बजट की आवश्यकता होती है। जिले में अन्य 14 पैरामीटर पर काफी काम हुए हैं।