सुल्तानपुर। पूर्व केंद्रीय मंत्री व भाजपा सांसद मेनका गांधी बुधवार को शिकायतों की भरमार से झल्ला गईं। विधायकों पर तंज कसते हुए कहा कि सोचा था विधायक आएंगे, कुछ काम करेंगे लेकिन वे उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। उन्होंने जिला प्रशासन पर भी नाराजगी जताई।
शास्त्रीनगर स्थित अस्थायी आवास पर बुधवार सुबह सांसद जनसमस्याओं की सुनवाई कर रही थीं। इस दौरान 100 से अधिक शिकायतकर्ता पहुंचे। इस पर सांसद ने विधायकों पर उम्मीदों पर खरा नहीं उतरने का तंज कसा। उनका इशारा जनता की समस्याओं का निस्तारण कराने में विधायकों की ओर से भी हाथ बटाएं जाने पर था।
उन्होंने जिला प्रशासन पर नाराजगी जताई, कहा कि अधिकांश शिकायतें राजस्व व पुलिस से जुड़ी हैं। इनका निस्तारण न होना बताता है कि प्रशासन काम नहीं कर रहा है। डीएम को इसके लिए लेखपालों के साथ बैठक करके उपाय ढूंढना होगा। कहा, मैं लोगों को लड़ाई-झगड़े से मुक्त कराना चाह रही हूं। अन्याय मुझे बर्दाश्त नहीं है। सुनवाई के बाद बल्दीराय क्षेत्र में आयोजित चौपाल में हिस्सा लेने जा रहीं सांसद को कई सामुदायिक प्रसाधन बंद मिले।
उन्होंने नाराजगी जताई, कहा कि यह चिंता का विषय है। सरकार की सोच अच्छी है लेकिन अधिकारियों व प्रधानों की वजह से कामयाब नहीं हो पा रही है। प्रधानों ने अपने रिश्तेदारों को केयरटेकर बना दिया है। इसकी वजह से सफाई नहीं हो पा रही है। इसे गौर से देखना होगा अन्यथा सरकार का कार्यक्रम ही फेल हो जाएगा। बीही निदूरा में चौपाल को संबोधित करते हुए सांसद ने अपनी उपलब्धियां गिनाईं।
कहा कि वे लोगों की समस्याएं निस्तारित कराना चाह रही हैं। इसके अलावा अन्य कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के बाद सड़क मार्ग से दिल्ली के लिए रवाना हो गईं। इस मौके पर शशिकांत पांडेय, श्याम बहादुर पांडेय, रणजीत कुमार, विजय सिंह रघुवंशी व अरुण द्विवेदी समेत अन्य मौजूद रहे।