सुल्तानपुर। साथियों संग मिलकर अपहरण करने और आठ लाख रुपये की रंगदारी वसूलने के आरोप से जुड़े मामले में बस्ती जिले के आरोपी घनश्याम पांडेय की तरफ से प्रस्तुत जमानत अर्जी पर शुक्रवार को जिला जज सुनील कुमार की अदालत में बहस हुई। अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी घनश्याम की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। रविवार को यह फैसला सामने आया।
अमेठी जिले के मुसाफिरखाना थाने के बिसारा पूरब के रहने वाले वादी रमन अग्रहरि ने गत 10 फरवरी की घटना बताते हुए तीन दिन बाद स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराया था। वादी के आरोप के मुताबिक 10 फरवरी को वह अपने बेटे को स्कूल छोड़कर वापस आ रहे थे। तभी रास्ते में शुक्ला पेट्रोल पंप के पास कार सवार चार अज्ञात आरोपियों ने उनका अपहरण कर रास्ते में काफी मारा-पीटा।
आरोप के मुताबिक आरोपियों ने दबाव बनाकर आठ लाख रुपये की रंगदारी वसूल लिया और कुछ घंटे बाद उन्हें अयोध्या जिले में छोड़ दिया। आरोपियों के चंगुल से छूटने के बाद वादी रमन अग्रहरि ने स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराया। वादी ने मुसाफिरखाना निवासी राकेश एवं गौरीगंज निवासी सुरेश व शंकरलाल से विवाद चलने की बात मुकदमे में लिखाई। मामले में विवेचना के दौरान बस्ती जिले के छावनी थाने के कलानीकला के रहने वाले आरोपी घनश्याम पांडेय का भी नाम सामने आया था। इसमें उन्हें जेल भेजा गया था। मामले में जेल गए आरोपी की जमानत अर्जी अदालत ने कर दी।