सुल्तानपुर। सर्दी व शीत लहर से बचाव के लिए स्वास्थ्य संबंधी तैयारी विषय पर शनिवार को मेडिकल कॉलेज में सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) के तहत कार्यक्रम हुआ। इसमें अत्यधिक ठंड से चिकित्सा संबंधी प्रभाव और जोखिमों को कम करने के लिए आवश्यक सार्वजनिक स्वास्थ्य रणनीतियों को शामिल किया गया।
प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने ठंड से बचाव की जानकारी देते हुए बताया कि इस मौसम में कान को ढक कर रखें। जिन्हें फेफड़े व हृदय संबंधी समस्या है, वह ठंडे पानी का उपयोग बिल्कुल न करें। बुजुर्गों को पैरों के दर्द के लिए हॉट वाटर बेग से सिकाई करें। अदरक, दालचीनी, हल्दी जैसे मसाले शरीर को गर्म रखने में मदद करते हैं। शीतलहर से बचने के लिए गर्म ऊनी के कपड़े पहनकर बाहर निकलें। बासी व ठंंडे भोजन का प्रयोग न करें।
इस दौरान एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के फराज अहमद, हिमांशु त्रिपाठी, हर्ष पटेल, हर्ष मिश्रा, दिव्यांश मिश्रा ने भी कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में फैकल्टी सदस्य डॉ. राजीव, डॉ. पायल, डॉ. मनोज, डॉ. अंकित, डॉ. ललित,सीनियर रेजिडेंट डॉ. शुभम, डॉ. एकता, जूनियर रेजिडेंट डॉ. विशाल, डॉ. जयेश, डॉ. देवमणि, डॉ. रविकांत आदि मौजूद रहे।