जयसिंहपुर। बरौंसा के डिहवा निवासी मजदूर दिवस शुक्ल (25) की रविवार को संदिग्ध परिस्थितियों में तबीयत खराब हो गई। उन्हें मेडिकल कॉलेज सुल्तानपुर से ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर किया गया। वहां सोमवार को उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद देर शाम शव घर पहुंचा तो परिवार में चीख-पुकार मच गई।
परिजनों ने मृतक के ससुराली जनों पर हत्या का आरोप लगाते हुए मंगलवार को शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। पुलिस के प्राथमिकी दर्ज करने के आश्वासन पर करीब एक घंटे बाद परिजन अंतिम संस्कार को राजी हुए।
दिवस शुक्ल के पिता विजय प्रकाश शुक्ल ने पुलिस को तहरीर दी है। आरोप लगाया है कि उनके बेटे दिवस शुक्ल को रविवार सुबह उसकी पत्नी ने अपने मायके सेमरी चकसोरा गांव बुलाया था। वहां ससुराल पक्ष ने दिवस को कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खिला दिया। उसने रविवार शाम चचेरे भाई शिवम शुक्ल को फोन पर जानकारी दी थी। दिवस किसी तरह से अपनी जान बचाकर जयसिंहपुर नहर के पास पहुंचा। परिजन उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज सुल्तानपुर ले गए। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे ट्राॅमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया।
लखनऊ में इलाज के दौरान सोमवार को दिवस की मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद सोमवार शाम को शव घर लाया गया। सोमवार रात मृतक के पिता ने नामजद तहरीर पुलिस को दी। मंगलवार सुबह परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार से इन्कार कर दिया। परिजन ससुराली जनों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज करने की मांग पर अड़ गए। जयसिंहपुर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार मिश्र डिहवा गांव पहुंचे।
उन्होंने प्राथमिकी दर्ज करने का आश्वासन दिया। करीब एक घंटे बाद परिजन अंतिम संस्कार को राजी हुए। दियरा घाट पर मृतक का अंतिम संस्कार किया गया।