सुल्तानपुर। करीब दो माह बाद डीएम के आदेश पर गुरुवार को सदर तहसीलदार ने लॉक किए गए बालिका शिक्षा के कमरे का ताला तोड़वा दिया। तहसीलदार के नेतृत्व में बनाई गई टीम ने बालिका शिक्षा से जुड़े कागजातों को सूचीबद्ध कराकर जिला समन्वयक ऊषा शुक्ला को संबंधित पटल की जिम्मेदारी देने की कवायद शुरू कर दी है।
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय धनपतगंज में फूड पॉयजनिंग से बीमार हुई छात्राओं के मामले में शासन ने 28 अगस्त को तत्कालीन डीसी बालिका शिक्षा ओपी तिवारी को हटाकर उनके मूल पद कताई बुनाई मिल कानपुर भेज दिया था। इसके बाद से इस पटल की जिम्मेदारी जिला समन्वयक ऊषा शुक्ला को सौंपी गई थी। मौखिक रूप से दी गई जिम्मेदारी से ऊषा शुक्ला को काफी दिक्कतें हो रही थीं। बीएसए ने इस आशय का पत्र डीएम को भेजा था। इस पर जिलाधिकारी के. धनलक्ष्मी ने तहसीलदार सदर आशाराम वर्मा के नेतृत्व में एक टीम बनाकर कार्रवाई का आदेश दिया। गुरुवार को टीम ने सर्व शिक्षा अभियान के जिला परियोजना कार्यालय में बालिका शिक्षा के कमरे का ताला तोड़वाया। पटल से संबंधित सारी फाइलें व कागजात अधिकारियों के सामने निकलवाए गए। उसे सूचीबद्ध कर ऊषा शुक्ला को लिखा पढ़ी में चार्ज हस्तांतरित किया जाएगा। ऊषा शुक्ला ने बताया कि सारी पत्रावली बनाई जा रही है। सभी योजनाओं की सूची तैयार होने के बाद ही वे चार्ज लेंगी। टीम में प्रभारी बीएसए ओंकार सिंह, बीईओ कार्यालय वैद्यनाथ कश्यप, बीईओ मोतिगरपुर संजय यादव शामिल हैं।