सुल्तानपुर। एडीओ पंचायत के प्रशासक बनने के बाद करीब 50 फीसदी ग्राम पंचायतों में कराए जा रहे कार्यों का भुगतान रुक गया है। अधिकांश ग्राम पंचायतों में प्रशासक भुगतान के लिए राजी नहीं हो रहे हैं। यही नहीं तालमेल के अभाव में अभी काफी ग्राम पंचायतों में एडीओ पंचायतों ने संयुक्त खाते का संचालन भी नहीं शुरू करा सका है।
ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद शासन के आदेश पर जिले की 979 ग्राम पंचायतों में संबंधित ब्लॉक के एडीओ प्रशासक नामित कर दिए गए हैं। प्रशासन ने एडीओ पंचायतों को प्रशासक नामित करते हुए ग्राम पंचायतों में सेक्रेटरी के साथ संयुक्त बैंक खाता खुलवाने का निर्देश दिया था।
प्रशासन व पंचायतराज विभाग के निर्देश के बाद भी अभी तक काफी ग्राम पंचायतों में एडीओ पंचायत बैंक खाते का संचालन नहीं करा सके हैं। सूत्रों के मुताबिक ग्राम पंचायतों में एडीओ पंचायत खाता खुलवाने में कम रुचि ले रहे हैं।
इसके पीछे सेक्रेटरियों से तालमेल का अभाव बताया जा रहा है। खाता नहीं खुलने से भी ग्राम पंचायतों में कराए जा रहे कार्यों का भुगतान लटकता जा रहा है। जिन ग्राम पंचायतों में संयुक्त खाते का संचालन शुरू हो गया है वहां भी कार्यों का भुगतान जान-बूझकर लटकाया जा रहा है।
पंचायतराज विभाग के निर्देश के बाद भी खासकर पंचायत भवन व प्रसाधनों के निर्माण कार्यों के भुगतान में भी एडीओ पंचायतों की ओर से रुचि नहीं ली जा रही है। करीब पखवारे भर से त्रिस्तरीय पंचायत चुुनाव के आरक्षण का बहाना एडीओ पंचायतों की ओर से बनाया जा रहा है।
भुगतान नहीं होने से ग्राम पंचायतों में कराए जाने वाले कार्यों में सुस्ती आ गई है। करीब 50 फीसदी ग्राम पंचायतों के भुगतान रूक गए हैं। प्रसाधन व पंचायत भवन को छोड़कर अन्य कार्य तकरीबन ठप होते जा रहे हैं।
एडीओ पंचायतों को ग्राम पंचायतों में कराए जा रहे कार्यों का सत्यापन करते हुए भुगतान का निर्देश दिया गया है। सभी को बैंक में खाता खुलवाते हुए कार्य में तेजी लाने का भी निर्देश पहले ही दिया जा चुका है। खाता खुलवाने में विलंब व भुगतान लंबित पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - आरके भारती, जिला पंचायतराज अधिकारी।