एक जुलाई को सभी विद्यालयों में वितरित होगा जूता-मोजा
सुल्तानपुर। परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को एक जुलाई को जूता-मोजा वितरित किया जाएगा।
शासन के कड़े निर्देश के बाद अब तक 90 प्रतिशत जूते-मोजे की आपूर्ति हो गई है। लगभग दो लाख 34 हजार बच्चे निशुल्क वितरित होने वाले जूते-मोजे से लाभान्वित होंगे।
जिले में 1735 परिषदीय प्राथमिक विद्यालय एवं 612 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में अध्ययनरत दो लाख 34 हजार 366 बच्चों को एक जोड़ी जूता व दो जोड़ी मोजा निशुल्क दिया जाना है।
छात्र-छात्राओं के लिए तीन कैटेगरी बनाई गई है। इसमें कक्षा एक से तीन तक के बच्चों को फर्स्ट कैटेगरी, कक्षा चार से छह तक के बच्चों को सेकेंड कैटेगरी और कक्षा सात एवं आठ के बच्चों को थर्ड कैटेगरी में विभाजित किया गया है।
कैटेगरी का विभाजन इस वजह से किया गया है, ताकि बच्चों के पैर की माप के मुताबिक जूते एवं मोजे उपलब्ध कराए जा सकें। पाठ्य पुस्तक एवं जूता-मोजा वितरण का जिम्मा संभाल रहे सर्वशिक्षा अभियान कार्यालय के उपेंद्र सिंह ने बताया कि अब तक लगभग 90 प्रतिशत जूते-मोजे की आपूर्ति हो चुकी है, जिसे ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर भेज दिया गया है।
कूरेभार एवं नगर क्षेत्र में अभी तक फर्म की ओर से आपूर्ति सुनिश्चित नहीं हो सकी है। शासन के निर्देश के बाद परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को एक जुलाई को स्कूल खुलने पर शत-प्रतिशत जूते एवं मोजे का वितरण कराया जाएगा।
जिले के परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों की सर्वाधिक 22,578 संख्या दूबेपुर विकास खंड क्षेत्र में है। वहीं सबसे कम 2524 संख्या नगर क्षेत्र में है।
अखंडनगर में 19,762, बल्दीराय में 18,867, भदैंया में 16,951, धनपतगंज 14,512, दोस्तपुर में 15,913, जयसिंहपुर में 21,583, कादीपुर में 13,905, करौंदीकलां में 12,053, कुड़वार में 18,774, कूरेभार में 16,348, लंभुआ में 16,604, मोतिगरपुर में 11,848 व प्रतापपुर कमैचा में 12,144 बच्चे नामांकित हैं।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कौस्तुभ कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार 25 जून से परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय खुल जाएंगे।
सभी प्रधानाध्यापक व शिक्षक विद्यालय की साफ-सफाई एवं व्यवस्था सुनिश्चित कर लें। ताकि एक जुलाई से बच्चों को शिक्षण व्यवस्था में कोई व्यवधान न उत्पन्न हो।
जिले में पाठ्य पुस्तकों एवं जूता-मोजा की आपूर्ति भी लगभग पूर्ण हो चुकी है। एक जुलाई से स्कूल खुलते ही बच्चों के हाथ में पाठ्य पुस्तकें अवश्य मौजूद रहनी चाहिए। कार्य में शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।