गौरीगंज। प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत चिह्नित जिले के चार अल्पसंख्यक बाहुल्य ब्लॉकों की 56 ग्राम पंचायतों में 144 सोलर बेस मिनी वाटर पंप लगाकर शुद्ध पेयजल की सप्लाई की जाएगी।
शासन का निर्देश मिलने के बाद जिला प्रशासन ने ग्राम पंचायतों में भूमि चिह्नित कर ली है। भूमि चिह्नित होने के बाद सिंचाई विभाग की ओर से तैयार 18.74 करोड़ रुपये का डीपीआर शासन को भेजकर धनावंटन करने की मांग की गई है। पंप संचालित होने के बाद करीब एक लाख आबादी को शुद्ध पानी मुहैया हो सकेगा।
केंद्र की तत्कालीन संप्रग सरकार ने अल्पसंख्यक बाहुल्य ब्लॉकों में विकास गतिविधियां बढ़ाने के लिए मल्टी सेक्टोरल डेवलपमेंट प्रोग्राम (अब इसका नाम प्रधानमंत्री जन विकास योजना) शुरू किया था।
योजना के तहत जिले के बहादुरपुर, सिंहपुर, जगदीशपुर व बाजार शुकुल ब्लॉक का चयन किया गया था। केंद्र की मौजूदा सरकार ने इन ब्लॉकों के 56 ग्राम पंचायतों में पेयजल समस्या को दूर करने के लिए 144 सोलर बेस मिनी वाटर पंप स्थापित करने का निर्णय लिया है।
योजना की प्रगति का आलम यह है कि निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण का पत्र मिलते ही जिला प्रशासन ने 56 ग्राम पंचायतों का चयन करते हुए 144 यूनिट स्थापना के लिए निशुल्क भूमि भी चिह्नित कर ली है।
भूमि चिह्नित करने के बाद जिला प्रशासन ने एक्सईएन सिंचाई से सोलर बेस मिनी वाटर पंप की स्थापना का अनुमानित आगणन तैयार करने को कहा था।
जिला प्रशासन के निर्देश पर सिंचाई विभाग ने प्रति यूनिट 13 लाख दो हजार रुपये की दर से 144 यूनिट स्थापित करने के लिए 18 करोड़ 74 लाख 88 हजार रुपये का डीपीआर जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को भेजा है।
प्रस्ताव मिलने के बाद अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने शासन को प्रस्ताव भेजते हुए अनुमानित आगणन के आधार पर धनावंटन करने की मांग की है। धनावंटन होने के बाद कार्यदायी संस्था नामित करते हुए ग्राम पंचायतों में सोलर बेस मिनी वाटर पंप स्थापना का काम शुरू कराया जाएगा।
प्रभारी जिला अल्प संख्यक कल्याण अधिकारी विद्या देवी ने बताया कि प्रस्तावित सोलर बेस मिनी वाटर पंप योजना के तहत अल्पसंख्यक बाहुल्य आबादी क्षेत्र के ग्रामीणों को पेयजल की समस्या से निजात मिलेगी।
विद्या देवी ने बताया कि चिह्नित ग्राम पंचायतों में खारे पानी के साथ ही दूषित पानी की समस्या प्रकाश में आई थी। जिसके बाद गांव को असंतृप्त मानते हुए योजना में चयन किया गया था।
जिलाधिकारी प्रशांत शर्मा ने बताया कि सोलर बेस मिनी वाटर पंप की स्थापना के लिए शासन की ओर से जारी निर्देश के तहत ग्राम पंचायतवार भूमि चिह्नित कर ली गई है।
पेयजल आपूर्ति योजना की स्वीकृति राज्य स्तर की परियोजना से करवाई जा चुकी है। योजना की लागत, मानक व क्षेत्रफल विभाग की ओर से निर्धारित किया गया है। सोलर बेस मिनी वाटर पंप स्थापित होने के बाद ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल मिल सकेगा।