विकास कार्यों की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं देना जिले के 12 खंड विकास अधिकारियों को भारी पड़ा। डीएम ने सभी से तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण लेने और जवाब संतोषजनक नहीं होने पर कार्रवाई किए जाने का आदेश दिया है। डीएम के आदेश से विकास महकमे में हड़कंप मचा है।
जिले के समग्र गांवों के साथ ही अन्य गांवों में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा के लिए शुक्रवार देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता कर रहे जिलाधिकारी जगतराज त्रिपाठी विकास कार्यों की रफ्तार सुस्त देख भड़क गए।
समीक्षा में मनरेगा की प्रगति खराब मिलने के साथ ही राष्ट्रीय एनआरएलएम, आधार कार्ड व मुख्यमंत्री जल बचाओ योजना की प्रगति भी खासी धीमी मिली। इससे नाराज जिलाधिकारी ने सिंहपुर बीडीओ को छोड़कर जिले के सभी बीडीओ को न सिर्फ कड़ी फटकार लगाई बल्कि सीडीओ को सभी से जवाब तलब करने और तीन दिन के अंदर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया।
डीएम ने कहा कि जिस भी बीडीओ का जवाब संतोषजनक नहीं हो उसके खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू कर कड़ी कार्रवाई की जाए। बैठक में सीडीओ ओमप्रकाश, डीडीओ ओपी पांडेय सहित जिले के सभी बीडीओ व जिला स्तरीय अफसर मौजूद रहे।