उत्तर प्रदेश पुलिस में इंस्पेक्टरों की अब कमी नहीं होगी। इंस्पेक्टरों का टोटा होने की वजह से पुलिस सुधार के तहत थानों पर इनकी तैनाती नहीं हो पा रही थी।
बड़ी संख्या में थानों का प्रभार दारोगाओं के पास है। दारोगाओं के इंस्पेक्टर बनने की प्रक्रिया में बसपा सरकार में संशोधन कर दिया गया था और इसे परीक्षा के जरिए किए जाने की बाध्यता कर दी गई थी।
बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार अगर कोई कानूनी अड़चन नहीं आती है तो जुलाई के पहले पखवारे में निरीक्षकों के 2104 पदों पर प्रोन्नति हो जाएंगी।
पूर्व में पदोन्नति को लेकर तत्कालीन बसपा सरकार के फैसले का खासा विरोध हुआ था। कुछ दारोगाओं ने सरकार के इस निर्णय के विरुद्ध अदालत में अपील की थी। इस वजह से पिछले कुछ वर्षों से दारोगाओं को इंस्पेक्टर पद पर प्रोन्नति नहीं मिल पा रही थी।
पिछले दिनों राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस मसले पर विमर्श हुआ था और प्रोन्नति की परीक्षा व दौड़ की बाध्यता दोनों को समाप्त कर निरीक्षक के पद पर पूर्व की भांति वरिष्ठता और चरित्र रोल के आधार पर पदोन्नति दिए जाने की व्यवस्था को बहाल कर दिया गया।
इसके बाद से ही पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड दारोगाओं को निरीक्षक पद पर प्रोन्नति करने के लिए जरूरी कवायद में जुट गया।
बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि दरोगाओं के करेक्टर रोल और अन्य प्रपत्रों की जांच शुरू कर दी गई है और जांच जुलाई के प्रथम सप्ताह में ही पूरी होने की संभावना है।