उत्तर प्रदेश में पीसीएस परीक्षा में तीनों स्तरों पर आरक्षण बहाल करने पर मुख्यमंत्री से वार्ता बेनतीजा रहने के बाद छात्रों ने बुधवार शाम राजधानी में जमकर बवाल किया।
कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की और राहगीरों से बदसुलूकी की। पुलिस की गाड़ियों को भी नहीं बख्शा। छात्रों के उपद्रव के कारण विधानभवन के सामने लंबा जाम लग गया।
नाराज छात्रों ने गुरुवार से प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया। छात्रों के रुख को देखते हुए सभी जिलों के पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों को सचेत कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री से वार्ता विफल होने के बाद अपने-अपने जिलों को लौट रहे छात्रों का गुस्सा सातवें आसमान पर था। विधानभवन से चारबाग तक छात्र तोड़फोड़ व सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
पुलिसकर्मियों से भी उनकी जमकर कहासुनी हुई, लेकिन पुलिस देखती रही। ऐहतियात के तौर पर धरनास्थल से लेकर चारबाग स्टेशन तक सुरक्षा के खासे इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में पुलिसबल तैनात किया गया था। छात्रों के ट्रेनों में बैठ जाने तक फोर्स तैनात रही।
इससे पहले शाम चार बजे आरक्षण समर्थकों की मुख्यमंत्री से मुलाकात हुई। इलाहाबाद विवि के छात्रसंघ अध्यक्ष दिनेश यादव ने बताया कि करीब एक घंटे तक चली बातचीत के बाद मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से छात्रों की मांगें मानने से इन्कार कर दिया।
उन्होंने कहा कि जिस व्यवस्था को लागू करने की घोषणा की गई है वही व्यवस्था लागू रहेगी। उसमें कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा। अगर छात्रों को यह व्यवस्था गलत लगती है तो वे कोर्ट जा सकते हैं।
मुख्यमंत्री का रुख देख छात्रों में आक्रोश फैल गया। वे सभी धरनास्थल पर लौट आए। तय हुआ कि गुरुवार से पूरे प्रदेश में आंदोलन होगा।