राम नवमी पर विशाल भारत संस्थान ने सांप्रदायिक सौहार्द की एक नई पहल की है। संस्थान ने दशाश्वमेध स्थित राम रमापति बैंक की तर्ज पर ही संस्थान में उर्दू राम नाम बैंक की शुरुआत की है।
इस बैंक में खाता खुलवाने के लिए खाताधारक को उर्दू में ही राम नाम लिखकर जमा करना होगा। यह बैंक ब्याज के तौर पर शांति और लोन के रूप में सांप्रदायिक एकता का पैगाम देगा।
इतना ही नहीं इस मौके पर मुसलिम युवतियों ने काशी की गंगा जमुनी तहजीब को दो कदम आगे बढ़ाते हुए भगवान श्री राम की आरती कर सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश की।
शुक्रवार को इस अनूठे बैंक का शुभारंभ मशहूर शायर विनय कपूर गाफिल ने किया। उन्होंने कहा कि मुसलिम बहनों ने दुनिया को यह दिखा दिया कि इस्लाम दूसरे मजहब का सम्मान करता है। राम हिंद के पहचान हैं।
इस मौके पर बैंक में रियाजुद्दीन ने उर्दू में 11 राम नाम लिखकर खाता खुलवाकर पहले खाताधारक बने।
बैंक की महाप्रबंधक नाजनीन अंसारी ने कहा कि राम महज नाम नहीं मंत्र है, जिसमें शांति, अहिंसा और मुहब्बत छिपी है। राम का नाम आतंकवाद से मुकाबला करने की ताकत देता है।
प्रबंधक नजमा परवीन ने बताया कि हिंदू मुसलिम सभी इस बैंक के खाताधारक हो सकते हैं, बशर्ते उन्हें उर्दू का ज्ञान हो।
यह बैंक शांति और संघर्ष प्रबंधन के जरिये गंगा जमुनी तहजीब की संस्कृति को बढ़ावा देगा।
इस मौके पर संस्थापक अध्यक्ष डा. राजीव श्रीवास्तव, मृदुला जायसवाल, पूजा भारतवंशी, आफरीन, इली, शहीदुन बेगम, अर्चना, बृजेश कुमार, धनंजय, मोहम्मद अख्तर, ताजीम, तबरेज, तौहीद, कशिश और शहनाज मौजूद रहे।