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Sambhal: सपा सांसद जावेद अली का आरोप, हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण के लिए फैलाया जा रहा संभल का झूठ

Sat, 30 Aug 2025 07:29 PM IST
अनुज कुमार डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, संभल

सार

समाजवादी पार्टी के सांसद जावेद अली खान ने संभल में हिंदू पलायन और अवैध धर्मांतरण के दावों को खारिज करते हुए कहा कि संभल हमेशा मुस्लिम बहुल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2027 के चुनावों के लिए सत्ताधारी पार्टी सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की कोशिश कर रही है।
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संभल जामा मस्जिद (फाइल फोटो) - फोटो : संवाद
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विस्तार
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समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद जावेद अली खान ने संभल के मामले पर सरकार पर झूठ बोलने का आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा है कि आजादी के समय से संभल एक मुस्लिम बहुल क्षेत्र रहा है। उन्होंने कहा है कि, लेकिन संभल में अवैध धर्मांतरण और हिंदुओं के पलायन का मुद्दा उठाकर 2027 के चुनाव को अभी से सांप्रदायिक आधार पर प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। 
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जावेद अली खान ने आंकड़े पेश कर दावा किया है कि 1951 में संभल में मुसलमानों की आबादी 71 प्रतिशत और हिंदुओं की आबादी करीब 29 प्रतिशत थी। उनके दिए गए आंकड़ों के अनुसार, 2011 में भी संभल की आबादी में मुसलमानों का हिस्सा करीब 78 प्रतिशत और हिंदुओं की आबादी 22 प्रतिशत थी। उन्होंने कहा कि 1951 से अब तक संभल की आबादी में मुसलमानों की आबादी में केवल सात प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 

सपा नेता ने कहा कि 1986 में संभल नगर पालिका क्षेत्र का परिसीमन हुआ था। इसमें संभल के आसपास के कई गांवों को संभल नगरपालिका क्षेत्र में शामिल कर लिया गया। इससे भी संभल शहरी क्षेत्र में मुसलमानों की संख्या में वृद्धि हुई। लेकिन इस तथ्य की उपेक्षा कर केवल यह बताने की कोशिश हो रही है कि संभल में सांप्रदायिक दंगों के कारण हिंदुओं का पलायन हुआ और अवैध हिंदू धर्मांतरण के कारण संभल में हिंदुओं की आबादी में कमी आई।    

जावेद अली के अनुसार, संभल के शहरी इलाकों में बेहतर कारोबार की सुविधा और बेहतर जीवन का अवसर होने के कारण आसपास के इलाकों से बहुत से मुसलमानों ने संभल शहर की ओर रुख किया। इससे यहां मुसलमानों की संख्या अधिक हो गई। सपा सांसद ने यह बताने की कोशिश की है कि संभल हमेशा से मुस्लिम बहुल आबादी वाला क्षेत्र रहा है और यहां हिंदुओं के पलायन और उनके अवैध धर्मांतरण की खबर गलत है। 
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क्या है विवाद 
दरअसल, यूपी सरकार ने संभल पर एक न्यायिक आयोग का गठन किया था। इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस देवेंद्र कुमार अरोड़ा, रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी अरविंद कुमार जैन और रिटायर्ड आईएएस अधिकारी अमित मोहन इस आयोग के अहम सदस्य थे। कहा जा रहा है कि इस रिपोर्ट में आयोग ने कहा है कि संभल में बार-बार हो रहे दंगों के कारण हिंदू आबादी यहां से पलायन करती गई। कथित तौर पर इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि संभल में अब हिंदुओं की आबादी केवल 15 प्रतिशत ही रह गई है। 

चूंकि, 2027 में ही यूपी विधानसभा के चुनाव भी होने हैं, इस रिपोर्ट को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में टकराव तेज हो गया है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने मुस्लिम तुष्टिकरण में संभल में हो रहे सांप्रदायिक तनाव पर उचित कार्रवाई नहीं की, जिसके कारण संभल में हिंदू आबादी लगातार कम होती गई। वहीं, समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया है कि संभल पर झूठ बोलकर सत्ताधारी पार्टी प्रदेश में सांप्रदायिक विभाजन पैदा कर उसका राजनीतिक लाभ लेना चाहती है। आने वाले समय में यह टकराव और तेज हो सकता है।
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