विधायक लक्ष्मी गौतम के प्यार की कहानी 13 साल पहले शुरू हुई। तब वह बदायूं जिले के फैजगंज कस्बे के स्कूल जनता इंटर कालेज की छात्रा हुआ करती थीं।
उनकी उम्र थी 16 और दिलीप थे 26 के। छोटे मोटे गिफ्ट देने से प्यार की नींव पड़ी। बातें हुईं और बात बढ़ते-बढ़ते बहुत बढ़ गई।
बकौल लक्ष्मी गौतम दिलीप ने दो बार तो एबार्शन कराया था। छुट्टियों में पहाड़ी वादियों की दोनों ने खूब सैर की। बाद में विवाह बंधन में बंधे..बच्चे भी हुए।
हालांकि प्यार के वह किस्से अब बेआबरू होकर बाजार में उछल रहे हैं।
लक्ष्मी गौतम खुद बताती हैं: मैने उस समय हाईस्कूल पास करके ग्यारहवीं में दाखिला लिया था। दिलीप फैजगंज बिसौली (बदायूं) के प्राइमरी स्कूल में शिक्षक थे। स्कूल आते जाते हम लोगों की मुलाकात होने लगी।
महिला विधायक ने पति को क्यों छोड़ा?
दिलीप ने ही एक दिन उसे प्रपोज कर दिया। मुझे उस वक्त अच्छे बुरे की समझ थी नहीं लिहाजा उनके प्यार में फंसती चली गई।
वर्ष 2003 की बात है हम दोनों घूमने के लिए मसूरी, नैनीताल और शिमला तक गए। यहां के बड़े होटलों में ठहरते थे।
दिलीप मुझे अपने साथ साड़ी पहनाकर किसी विवाहित महिला के लिबास में ही लेकर जाते। ताकि किसी को शक न हो।
वर्ष 2004 तक शादी का झांसा देकर उन्होंने मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाए। दो दफा गर्भपात भी कराया। क्योंकि मैं अपना सब कुछ उन्हें सौंप चुकी थी लिहाजा विरोध की हिम्मत नहीं बची।
खैर 2005 में वह मुझे अपने घर चंदौसी ले आए और बगैर शादी किए ही पत्नी की तरह रखने लगे।
यहां आकर पता चला कि दिलीप तो शादीशुदा हैं। लेकिन यह बात छुपाए रहे। शक इतना करते थे कि विधान सभा सत्र में विधायकों से भी नहीं मिलने देते थे।
सिर्फ हस्ताक्षर कर लौटने की बात कहते थे। चंदौसी की विधायक लक्ष्मी गौतम के घर के इस महाभारत का खुलासा गुरुवार को तब हुआ था जब उनके पति दिलीप को मुरादाबाद स्थित आवास से धक्के मारकर बाहर निकाल दिया गया।
अब दोनों मीडिया के सामने चीख-चीखकर एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। इस लड़ाई का विधायक की कुर्सी पर क्या असर पड़ेगा इसका आकलन करने में पार्टी भी जुटी है।
ब्वाय फ्रेंड के नाम पर ‘खामोशी’
विधायक लक्ष्मी गौतम ब्वाय फ्रेंड के नाम पर खामोश हो जाती हैं। उनके पति दिलीप का आरोप है कि लक्ष्मी गौतम के प्रेम संबंध चंदौसी के ही एक मुकुल नाम के लड़के से हो गए हैं।
वह खुद कई दफा अपनी पत्नी को उनके प्रेमी के साथ पकड़ चुका है। कई बार समझाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं मानी। विधायक इन आरोपों को खारिज करते हुए खामोश हो जाती हैं।