उत्तर प्रदेश विधानसभा के नए अध्यक्ष के रूप में सतीश महाना का सर्व सर्वसम्मति से चुनाव हुआ। इसके बाद नेता सदन योगी आदित्यनाथ, नेता विपक्ष अखिलेश यादव समेत अन्य दलों के नेता ने महाना को बधाई दी।
उत्तर प्रदेश विधानसभा में आज दलीय राजनीति से बाहर निकलकर नेताओं ने खूब हंसी-मजाक किया। मौका था विधानसभा के नए अध्यक्ष सतीश महाना को बधाई देने का।
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नेता सदन के रूप में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले विधानसभा अध्यक्ष को बधाई दी। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष के रूप में सपा मुखिया अखिलेश यादव खड़े हुए। फिर एक के बाद एक सदस्यों की संख्या के आधार पर छोटे दलों के नेताओं को बोलने का मौका दिया गया। इसी बीच, जनसत्ता दल के नेता और कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की बारी आई।
राजा भैया ने अपने अंदाज में विधानसभा अध्यक्ष को बधाई दी और फिर सपा मुखिया अखिलेश यादव पर कटाक्ष भी कर दिया। हालांकि, कुछ ही देर बाद राजा भैया के एक दोहे पर पूरा सदन ठहाके लगाते नजर आया। खुद अखिलेश यादव ने टेबल पर थपकी देकर राजा भैया का समर्थन किया।
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अखिलेश पर क्यों किया कटाक्ष?
सपा मुखिया अखिलेश यादव
- फोटो : अमर उजाला
नेता प्रतिपक्ष के तौर पर अखिलेश यादव ने विधानसभा अध्यक्ष को बधाई दी थी। इसी के साथ यह भी आग्रह किया था कि सदन संचालित करते समय वह (विधानसभा अध्यक्ष) विपक्षी दलों को समय-समय पर संरक्षण देते रहें। विपक्ष के नेताओं को भी बोलने का मौका दें।
इसपर राजा भैया ने अपने अंदाज में कटाक्ष किया। राजा भैया विधानसभा अध्यक्ष से बोले, 'एक लंबे समय से आपका कार्यकाल, आपकी कार्यशैली और आपका व्यवहार देखने को अवसर मिल रहा है। 29 वर्ष हो गए हैं कि हम लोग साथ-साथ बैठे हैं। ऐसे में आपको कोई ये सलाह दे कि हमारे उपर भी नजर डालें... इसका औचित्य मैं अभी महसूस नहीं कर रहा हूं। क्योंकि हर दल के नेता ने आप पर विश्वास किया है। इसलिए हम मानकर चल रहे हैं कि आपकी नजर, आपका अनुग्रह और अवसर की समानता हम सब को मिलेगी।'
रघुराज प्रताप सिंह और योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : अमर उजाला
राजा भैया ने सत्ता और विपक्ष से अलग छोटे दलों की स्थिति का जिक्र किया। सत्ता और विपक्ष के नेताओं की तरफ इशारा करके कहा, 'अगर दलीय संख्या के ऊपर जाएं तो या तो आप और आपके सहयोगी (सत्ता पक्ष) या तो आप और आपके सहयोगी(सपा गठबंधन) जीते हैं। ऐसे में मुझे कबीर दास जी का दोहा याद आ रहा है। चलती चक्की देख के, दिया कबीरा रोये । दो पाटन के बीच में, साबुत बचा न कोए।’
इसके बाद राजा भैया बोले, 'बड़ी छोटी सी संख्या है। जिसमें मोना जी भी हैं। उमाशंकर जी भी हैं। जनसत्ता दल भी है। बहुत छोटी सी संख्या, पांच सदस्यों की है। तो इधर भी आपकी कृपा दृष्टि रहे। इधर भी आकर्षण रहे।'
राजा भैया के इस बात पर पूरा सदन ठहाके लगाने लगा। अखिलेश यादव ने टेबल पर थपकी देकर समर्थन किया तो सीएम योगी भी जोर से हंसते नजर आए।