एनसीएल बीना परियोजना के आवासीय परिसर स्थित श्रीराम जानकी व राधा कृष्ण मंदिर में चल रहे आठ दिवसीय श्रीमारुति महायज्ञ और भागवत महापुराण का समापन मंगलवार को हुआ। कलश के विसर्जन के बाद भंडारा हुआ जिसमें बढ़-चढ़कर श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।
सुबह यज्ञाचार्य डॉ. कौशलेंद्र व कौशल जी महाराज की देखरेख में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यजमान वीके सिंह ने पुष्प अर्पित, वेदी पूजन, आरती के साथ अंतिम पूर्णाहुति दी। इसके बाद गाजे बाजे के साथ कॉलोनी चक्रमण करते हुए विधि विधान से सरोवर में कलश विसर्जन किया गया। महायज्ञ के भव्य भंडारे में एक सौ आठ कुंआरी कन्याओं को भोज कराया गया। इसके बाद हजारों श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया। शाम पांच बजे से देर रात तक श्रद्धालुओं का आना जाना लगा रहा। महायज्ञ को सफल बनाने में मुख्य रूप से पुजारी पं. अजय शास्त्री, मंजुला सिंह, माया सिंह, अभय राज, अनिल गुप्ता, राजेश पांडेय, चैत राम पवार, अंकित सिंह गौतम, श्याम कार्तिक, कुंदन सिंह आदि मौजूद रहे।