सोनभद्र। जिले की नवसृजित ओबरा तहसील में सितंबर के अंत तक कार्य शुरू हो सकता है। प्रशासन ने तहसील में कर्मचारियों की तैनाती की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अन्य औपचारिकताएं भी तेजी से पूरी की जा रही हैं। सदर तहसील और घोरावल के 115 गांवों को काटकर ओबरा तहसील बनाई गई है।
सपा सरकार से ही ओबरा को तहसील बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी लेकिन 2017 में सत्ता बदलने के बाद तहसील बनाने की कवायद ठंडे बस्ते में चली गई। भाजपा के वर्तमान सदर विधायक भूपेश चौबे, ओबरा विधायक संजीव गोड़ समेत अन्य जनप्रतिनिधि और नेताओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से ओबरा को तहसील तथा करमा और कोन को ब्लॉक बनाने की मांग की थी। सीएम के आदेश पर जिला प्रशासन ने ओबरा को तहसील में कौन-कौन गांव, करमा और कोन ब्लॉक में कौन-कौन गांव शामिल होंगे समेत अन्य बिंदुओं पर प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने तहसील और द्वय ब्लॉकों को शुरू करने का आदेश दे दिया है। नवसृजित करमा और कोन ब्लॉक में कामकाज शुरू हो गया है लेकिन अभी तक किन्हीं कारणवश ओबरा तहसील शुरू नहीं हो पाई है। हालांकि तहसील को भी चालू करने के लिए कार्य तेजी शुरू कर दिया गया है। एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार समेत अन्य कर्मियों की तैनाती करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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ओबरा में 58 लेखपाल क्षेत्र होंगे
सोनभद्र। ओबरा तहसील शुरू होने से रेणुका पार लोगों को काफी राहत मिलेगी। ओबरा तहसील में सदर तहसील के 105 गांव और घोरावल के 10 गांव शामिल हैं। इस तहसील में 58 लेखपाल और छह कानूनगो का क्षेत्र है। राबर्ट्सगंज तहसील के 54 लेखपाल, पांच कानूनगो क्षेत्र और घोरावल के 4 लेखपाल और एक कानूनगो क्षेत्र है।
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कोट
ओबरा तहसील के भवन निर्माण के लिए जमीन का प्रस्ताव मांगा गया है। ओबरा में ही अस्थायी रूप से शीघ्र तहसील शुरू करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।-एस. राजलिंगम, जिलाधिकारी