कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच लागू वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था अब खत्म कर दी गई है। अब सिर्फ गर्भवती महिलाएं और दिव्यांग कर्मचारी को छोड़कर अन्य सभी कर्मचारी 50 प्रतिशत की क्षमता से कार्यालय पहुंचकर सरकारी काम को निपटाएंगे। कर्मचारियों की कम उपस्थिति से दफ्तरों में कामकाज प्रभावित है।
सात मार्च को जिले में चार विधान सभा सीटों पर मतदान होगा। इसे लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी है लेकिन कोरोना के चलते सरकारी दफ्तरों में 50 फीसदी ही कर्मचारियों की उपस्थिति होने से काम प्रभावित हो रहा है। शुक्रवार को निर्वाचन कार्यालय में सहायक निर्वाचन अधिकारी जगरूप पटेल व उनके अधीनस्थ सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए काम करने में जुटे रहे। सहायक निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने गर्भवती महिलाएं और दिव्यांग कर्मचारी ही घर से काम करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा कार्यालय में तैनात कर्मचारियों में से प्रतिदिन 50 प्रतिशत कर्मचारी बुलाकर काम निपटाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आधे कर्मचारी के कार्यालय पहुंचने से काम समय से पूरा करने में थोड़ी दिक्कतें हो रही है लेकिन कोरोना से बचने के लिए कोविड गाइड लाइन का पालन करना भी जरूरी है। वहीं जिला पूर्ति कार्यालय में भी डीएसओ गौरी शंकर शुक्ला व कर्मचारी सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए काम निपटाने में मशगूल दिखे। यहां भी कर्मचारी 50 प्रतिशत ही उपस्थित दिखाई दिए।
म्योरपुर से ज्यादा राबर्ट्सगंज में मिले संक्रमित
जिले में कोरोना के 60 नए मरीज मिले हैं। अब तक सबसे ज्यादा मरीज म्योरपुर ब्लाक में मिल रहे थे। पहली बार पीड़ितों की संख्या राबर्ट्सगंज में हुई है। नए मरीजों में 21 राबर्ट्सगंज ब्लाक के हैं, जबकि म्योरपुर के मरीजों की संख्या 20 है। इनके अलावा चोपन में छह, घोरावल और बभनी में 5-5, चतरा, दुद्धी, नगवां में एक-एक मरीज मिले हैं। कुल 60 मरीजों में 23 महिलाएं शामिल हैं। एक सात वर्षीय बालक भी संक्रमित हुआ है। सीएमओ डॉ. रमेश सिंह ठाकुर ने बताया कि संक्रमितों को होम आइसोलेशन में रखा गया है। सभी के स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है।