सोनभ्रद। जिले की 629 ग्राम पंचायतों में वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान कराए गए कार्यों की ऑडिट कराने का निर्देश दिया गया है। इसके तहत गांवों में हुए खर्च के सापेक्ष कराए गए कार्यों का सत्यापन किया जाएगा। हालांकि प्रथम चरण में 435 ग्राम पंचायतों के कार्यों की आडिट की जाएगी। उधर ऑडिट खबर से ग्राम सचिव और पूर्व प्रधानों में खलबली मची है।
जिले की ग्राम पंचायतों में सरपंच के कामों का सोशल ऑडिट किया जाएगा। इसमें देखा जाएगा कि पिछले साल में सरपंचों ने ग्राम पंचायतों में जो काम करवाए हैं उनमें कितने काम पूरे हुए हैं उनकी गुणवत्ता कैसी है आदि। पंचायतों के सोशल ऑडिट के लिए तीन.तीन सदस्यों की एक टीम बनाई जा रही है। मनरेगा के तहत होने वाले कामों का ऑडिट होगा। कूप निर्माण, पौधारोपण, सड़क निर्माण में मजदूरी खंती निर्माण आदि कामों की आडिट की जाएगी। विकास विभाग से मिली जानकारी के अनुसार आठ सितंबर से 25 जनवरी 2022 तक ऑडिट काम चलेगा। फिलहाल म्योरपुर, नगवां, बभनी, चतरा, राबर्ट्सगंज और चोपन विकास खंड क्षेत्र के ग्राम पंचायतों में ऑडिट का काम शुरू होगा। उधर वर्ष 2020-21 में कराए गए कार्यों की जांच शुरू होने की जानकारी मिलने के बाद नियमों को ताख पर रख कर काम कराने वाले कई ग्राम विकास अधिकारियों और पूर्व ग्राम प्रधानों की बेचैनी बढ़ गई है।
प्रथम चरण में जिले के करीब 435 ग्राम पंचायतों में कराए गए कार्यों का ऑडिट होगा। ऑडिट टीम को निष्पक्ष ढंग से कराए गए कार्यों की जांच कर रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है। ऑडिट टीमों के कार्यों की भी मॉनिटरिंग की जाएगी। - राम बाबू त्रिपाठी, जिला विकास अधिकारी