जिले में पेयजल संकट को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। गांव हो या शहर कहीं भी लोग पानी की किल्लत से जूझते मिले तो जल निगम के एक्सईएन, एई और जेई के विरुद्ध केस दर्ज होगा। साथ ही प्रतिदिन बढ़ौली-कुसाही पेयजल योजना से दस घंटे राबर्ट्सगंज नगर और 14 घंटे गांवों में पेयजलापूर्ति की जाएगी।
डीएम सीबी सिंह ने जल संसाधनों को पूरी क्षमता से क्रियाशील कर सात दिनों के अंदर गांव और शहरी इलाके के वार्डवार जल संसाधनों की सूची तलब की है। साथ ही पानी से जुड़े अन्य कमियाें की बिंदुवार रिपोर्ट मांगी है।
गुरुवार को पेयजल समस्याओं के समाधान के लिए कलेक्ट्रेट में बैठक हुई। डीएम सीबी सिंह ने शहरी क्षेत्र के पेयजल व्यवस्था के लिए एडीएम और ग्रामीण क्षेत्रों में सीडीओ को नोडल अधिकारी नामित किया। उन्होंने जल संसाधन के उपाय तलाशने को कहा।
हैंडपंप, पाइप लाइन को क्रियाशील रखने को कहा गया। डीएम ने एक हजार हैंडपंप एवं जिले का जलस्तर नीचे होने की वजह से पानी छोड़ रहे पुराने एक हजार हैंडपंप केे गहरे रिबोर का प्रस्ताव शासन को भेजा है।
डीएम ने एडीएम को शहरी इलाकों में राज्य सेक्टर से छोटे-छोटे समरसेबुल बोर का प्रस्ताव वार्डवार बनाकर जिलाधिकारी के हस्ताक्षर से शासन को भेजने को कहा। साथ ही डीपीआरओ से जिले के ग्राम प्रधानों के साथ ही ग्राम सेक्रेटरियों को 14वें वित्त आयोग के मद से ग्राम पंचायतों में खराब हैंडपंपों की मरम्मत कराने को कहा।
पेयजल समस्या की शिकायत के लिए कलेक्ट्रेट में जिला कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। इसका नंबर 05444-222242, 222256, 222253 और 222455 है। डीएम ने कहा गांव या शहर, कही भी पेयजल की किल्लत होती है तो इन नंबरों पर शिकायत दर्ज कराएं। शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर समस्याएं दूर होंगी।