विधानसभा सचिवालय के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे के आदेश से जारी अधिसूचना में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लेख करते हुए रामदुलार गोंड को दुष्कर्म के मामले में 25 वर्ष की सजा और दस लाख जुर्माना की सजा मिलने के कारण विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य करार दिया गया है।
किशोरी से दुष्कर्म में दोषी करार दिए गए दुद्धी के भाजपा विधायक रामदुलार गोंड की विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई है। देर शाम विधानसभा सचिवालय से इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई। दुद्धी सीट रामदुलार को सजा सुनाए जाने की तिथि 15 दिसंबर से रिक्त मानी जाएगी।
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विधानसभा सचिवालय के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे के आदेश से जारी अधिसूचना में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लेख करते हुए रामदुलार गोंड को दुष्कर्म के मामले में 25 वर्ष की सजा और दस लाख जुर्माना की सजा मिलने के कारण विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य करार दिया गया है। सोनभद्र की एमपी-एमएलए कोर्ट से सजा सुनाए जाने की तारीख से दुद्धी सीट (403) रिक्त घोषित की गई है।
माना जा रहा है कि अब शीघ्र ही इस सीट पर आयोग उपचुनाव की घोषणा कर सकता है। बता दें कि रामदुलार गोंड पर वर्ष 2014 में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज हुआ था। तब उसकी पत्नी म्योरपुर ब्लॉक के रासपहरी गांव की प्रधान थीं।
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वर्ष 2022 के चुनाव में भाजपा ने रामदुलार को अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित दुद्धी सीट से प्रत्याशी बनाया था। सपा प्रत्याशी व दिग्गज आदिवासी नेता विजय सिंह गोंड को हराकर रामदुलार विधायक चुना गया। दुद्धी सीट पर पहली बार भाजपा को यह जीत नसीब हुई थी, मगर दो साल के अंदर ही विधायक के अयोग्य करार दिए जाने से सीट रिक्त हो गई है।