सोनभद्र। बभनी थाना क्षेत्र के संवरा में फरवरी 2024 में पकड़े गए दो क्विंटल गांजा के मामले में दो तस्करों को 10-10 वर्ष कठोर कैद और एक-एक लाख अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट आबिद शमीम की अदालत ने बृहस्पतिवार को मामले की सुनवाई की। वहीं तीन को पर्याप्त साक्ष्य न पाए जाने पर दोषमुक्त करार दिया गया। सजा सुनाए जाने के साथ ही अर्थदंड अदा न किए जाने पर एक-एक वर्ष अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
एनसीबी लखनऊ के इंस्पेक्टर पंकज दुबे ने न्यायालय में परिवाद दाखिल कर बताया था कि 12 फरवरी 2024 को उन्हें सूचना मिली एक ट्रक पर छत्तीसगढ़ की तरफ से गांजा लाया जा रहा है। उसको शहजान अली निवासी देवरी कला, थाना-मड़िहान, जिला मिर्जापुर और अरबाज खान निवासी पठान पट्टी, थाना हरसिद्धि, जिला मोतीहारी, बिहार चला रहे हैं। सहजान चालक और अरबाज खलासी की भूमिका में है। इस सूचना पर एनसीबी लखनऊ के साथ ही एनसीबी प्रयागराज और एसटीएफ वाराणसी की टीम संवरा पहुंची। संवरा में ट्रक को पकड़ लिया। दोनों ने पूछताछ में जिप्सम लदे होने का दावा किया। उसका बिल भी दिखाया लेकिन जब जांच की गई तो पता चला कि उसमें गांजा लदा हुआ है। तलाशी में 10 बोरियों में रखे गांजे के एक-एक किलो वजन वाले 200 पैकेट पाए गए। मामले में उपरोक्त दोनों आरोपियों के साथ रविकर दुबे, राम गोपाल पांडेय और अशोक जायसवाल उर्फ गोलू के खिलाफ भी परिवार पत्र दाखिल किया गया था लेकिन सुनवाई में सिर्फ शहजान और अरबाज ही दोषी पाए गए। बृहस्पतिवार को न्यायालय ने फैसला सुनाने के साथ ही सजा के मसले पर भी सुनवाई की। अपराध की गंभीरता को देखते हुए दोनों को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास और एक-एक लाख के जुर्माने से दंडित किया।