सोनभद्र। विशेष न्यायालय गैंगस्टर एक्ट ने उप्र गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के दो अलग-अलग मामलों में बृहस्पतिवार को सजा सुनाई। दोनों मामलों में दोषियों को ढाई-ढाई वर्ष के कठोर कारावास और पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पहला मामला थाना पिपरी क्षेत्र में वर्ष 2023 में दर्ज हुआ था। तत्कालीन एसओ ने तुर्रा निवासी दीपक उर्फ मिट्ठू के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए क्षेत्र में उसके दहशत और आतंक का उल्लेख किया था। वहीं दूसरे मामले में वर्ष 2013 में रेणुकूट के रेलवे मार्केट निवासी वशीर अली के विरुद्ध भी गैंगस्टर एक्ट की प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। दोनों मामलों की अलग-अलग सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट शैलेंद्र यादव ने बृहस्पतिवार को दीपक उर्फ मिट्ठू और वशीर अली को ढाई-ढाई वर्ष के कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई।