छह साल बाद भी नगर पालिका से गायब हुए खसरा रजिस्टर का सुराग न मिलने और नए खसरा रजिस्टर की प्रक्रिया भी आगे न बढ़ने से लोगों में असंतोष है। सोमवार को व्यापारियों ने इस संबंध में नगर पालिका के ईओ को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
व्यापारियों ने फुटपाथ दुकानदारों के लिए निर्धारित स्थानों पर टीन शेड सहित अन्य व्यवस्थाओं को भी जरूरी बताया। जिलाध्यक्ष राजेश गुप्ता ने कहा कि नगर की सबसे बड़ी समस्या खसरा रजिस्टर का न बनना है। उद्योग व्यापार मंडल बीते कई वर्षों से इसके लिए संघर्ष कर रहा है।
छह साल पहले यह रजिस्टर चोरी हुआ था। अब तक न तो वह रजिस्टर ढूंढा गया और न ही नया रजिस्टर तैयार कर उसका प्रकाशन किया जा सका है। भूमि विवाद लगातार बढ़ रहे हैं। कहा कि पूर्व डीएम एस. राजलिंगम ने नए रजिस्टर के लिए सर्वे कराने का आदेश दिया था।
सर्वे पूरा हो चुका है, लेकिन तीन वर्षों बाद भी उसका प्रकाशन नहीं हुआ है। वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष संदीप सिंह चंदेल ने बताया कि खसरा रजिस्टर प्रकाशन का जिम्मा अब नगर पालिका परिषद को सौंपा गया है। बावजूद इसमें देरी की जा रही है।
युवा जिलाध्यक्ष रमेश जायसवाल और नगर अध्यक्ष आनंद जायसवाल ने मांग की कि जनहित में खसरा रजिस्टर का अविलंब प्रकाशन कराया जाए। जिला महामंत्री राजेश बंसल, कोषाध्यक्ष अजीत जायसवाल, फुटपाथ व्यवसाइयों के अध्यक्ष रामचंद्र सोनकर ने चयनित स्थानों पर टिन शेड बनाकर फुटपाथ व्यवसाइयों को स्थान देने की मांग की।
ज्ञापन सौंपने वालों में जिला उपाध्यक्ष प्रकाश केशरी, नगर महामंत्री राजेश जायसवाल, नगर संगठन मंत्री अभिषेक केशरी, नगर उपाध्यक्ष अशु अग्रहरी, महिला नगर अध्यक्ष ऋतु अग्रहरी, किराना नगर अध्यक्ष श्याम केशरी आदि मौजूद रहे।