नेपाल में उपद्रव के बाद बॉर्डर पर माल लेकर खड़ी ट्रकें। -स्रोत: जागरूक पाठक।
रेणुकूट। नेपाल में हिंसा और अराजकता का असर कारोबार पर पड़ा है। जिले से नेपाल जाने वाले 150 से ज्यादा ट्रक सीमा पर फंस गए हैं। इनमें कोयला, एल्यूमिनियम, कास्टिक, ब्लीचिंग पाउडर, पोली एल्यूमिनियम क्लोराइड और फ्लाई ऐश लदा हुआ है। बॉर्डर बंद होने से ट्रांसपोर्ट कारोबारियों को नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
सोनभद्र से नेपाल के कृष्णानगर, भैरहवा, नेपालगंज, बीरगंज, सीतामढ़ी और विराटनगर बॉर्डर से सामान निर्यात किया जाता है। वहीं, नेपाल से रिफाइन तेल, मुर्गी दाना, मसाला सहित अन्य सामान भारत आता है। पिछले तीन दिनों से नेपाल में जारी उपद्रव के चलते कारोबार ठप हो गया है। उपद्रवियों ने कई भंसार (कस्टम) कार्यालयों को आग के हवाले कर दिया है, जिससे कर्मचारी भाग गए हैं और कस्टम की प्रक्रिया ठप हो गई। इस कारण भारतीय ट्रक नेपाल में प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं और लंबा जाम लग गया है। नगर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजेश तिवारी ने बताया कि उनके करीब 13 ट्रक नेपाल बॉर्डर पर फंसे हैं। इन ट्रकों में कोयला, फ्लाई ऐश और कास्टिक लदा है। लंबे समय से ट्रकों के अटके होने के कारण उन्हें नुकासान हो रहा है।
एक अन्य व्यवसायी मनोज राय ने बताया कि उनके 25 से ज्यादा ट्रक नेपाल में फंसे हैं। इनमें खाने का तेल, आलू और एल्यूमिनियम लदा है। वहीं, ट्रक चालक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। परिवहन व्यवसायियों का कहना है कि नेपाल में अराजकता के कारण करोड़ों रुपये का व्यापार प्रभावित हुआ है। साथ ही सोनभद्र के विभिन्न कारखानों से होने वाले निर्यात पर भी असर पड़ेगा।