तिलिस्म और अय्यारी के रोचक किस्सों से भरी सोनभद्र की चंद्रकांता की वादियों तक पर्यटकों को लाने की कवायद तेज हो गई है। प्रदेश सरकार ने चंद्रकांता सर्किट के रूप में सोनभद्र, चंदौली और मिर्जापुर के पर्यटन स्थलों को विकसित करने का खाका खींचा है। सोनभद्र का विजयगढ़ किला इसका केंद्र बनेगा। किले के आसपास पर्यटकीय सुविधाओं के विकास के लिए वन विभाग तैयारियों में जुट गया है। प्रमुख वन संरक्षक के दौरे के बाद यहां कराए जाने वाले कार्यों की रूपरेखा तैयार होने लगी है। जल्द ही चंद्रकांता के रोचक किस्से को जानने-समझने बड़ी संख्या में पर्यटक इन स्थलों तक आएंगे।
देवकी नंदन खत्री ने प्रसिद्ध उपन्यास चंद्रकांता संतति का ताना-बाना चंदौली, सोनभद्र और मिर्जापुर के जंगलों के इर्द-गिर्द ही बुना था। नौगढ़ के राजकुमार वीरेंद्र सिंह और विजयगढ़ की राजकुमारी चंद्रकांता की प्रेम कहानी को तिलिस्म और अय्यारी के किस्सों ने खूब लोकप्रिय बनाया। लोग इन स्थानों को देखना और इसके तिलिस्म को समझना चाहते हैं। पर्यटकीय सुविधाएं न होने से उनका जुड़ाव यहां से नहीं हो पाता।
घने जंगल और पहाड़ों के बीच स्थित इन स्थानों पर पर्यटकों को लाने के लिए प्रदेश सरकार ने चंद्रकांता सर्किट का खाका तैयार किया है। इसके तहत नौगढ़, विजयगढ़ और चुनार के किले के आसपास पर्यटकीय सुविधाएं विकसित की जाएंगी। रंग-रोगन, सड़क, साइनेज, साफ-सफाई, पेयजल सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं यहां बढ़ाई जाएंगी। दो दिन पहले चंदौली के राजदरी में प्रदेश के प्रमुख वन संरक्षक वन्य जीव पवन कुमार शर्मा ने राबर्ट्सगंज, कैमूर, मिर्जापुर व काशी वन्य जीव प्रभाग के डीएफओ, पर्यटन अधिकारियों और टूरिस्ट गाइड के साथ बैठक कर इसकी रूपरेखा तैयार की है। इसे सफल बनाने के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। जल्द ही इसका ड्राई रन भी किया जाएगा।
विजयगढ़ की होगी अहम भूमिका
चंद्रकांता सर्किट में सोनभद्र का विजयगढ़ किला केंद्र में होगा। उपन्यास में चंद्रकांता को यहीं की राजकुमारी बताया गया है। आज भी सैकड़ों फीट की ऊंचाई पर स्थित विजयगढ़ किले का मुख्य द्वार और पहाड़ी के ऊपर किले का अवशेष इसके गौरवशाली इतिहास की गवाही देते हैं। चारों तरफ घने जंगलों से घिरे इस किले की अप्रतिम सुंदरता मन मोहती है। नौगढ़ में किले के नाम पर वन विभाग का रेस्ट हाउस ही बचा है, जबकि चुनार किले में पीएसी का कैंप है। लिहाजा योजना में सबसे ज्यादा ध्यान विजयगढ़ पर ही रखा जाएगा। यहां जाने वाले रास्तों को बेहतर बनाने के साथ ही जगह-जगह संकेतक व अन्य जरूरी इंतजाम किए जाएंगे।
बोले अधिकारी :
प्रमुख वन संरक्षक के साथ हुई बैठक में चंद्रकांता सर्किट पर चर्चा हुई है। टूरिस्ट गाइड से कई सुझाव लिए गए हैं। इसके अनुसार यहां सुविधाएं विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। नोटिफाइड एरिया होने के कारण यहां पक्के काम नहीं हो सकते। फिर भी शासन के निर्देशानुसार सड़क, पेयजल, साफ-सफाई सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं को विकसित करने की दिशा में प्रयास किया जाएगा। - संजीव सिंह, डीएफओ, राबर्ट्सगंज।