कोतवाली क्षेत्र के डूमरडीहा गांव में सोमवार की रात शरारती तत्वों ने एक गोवंश का वध कर दिया। घटना से लोगों में आक्रोश फैल गया। सीओ के नेतृत्व में पहुंची फोर्स ने किसी तरह लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
डूमरडीहा गांव के उमाशंकर कुशवाहा ने रोजाना की तरह सोमवार की शाम को घर के पास खलिहान के पास बने मड़हे में चारा डालने के बाद बैल को बांध दिया। वह भोजन कर घर में सोने चले गए। आरोप है कि देर रात में किसी ने धारदार हथियार से मड़हे में बंधे बैल का गला रेत दिया। सुबह जब उमाशंकर पशुओं को बाहर निकालने पहुंचे तो कुछ दूरी पर बैल को मृत हाल में देख सन्न रह गए। गले पर धारदार हथियार का वार था। सूचना मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। इसकी सूचना दुद्धी कोतवाली पुलिस को दी गई। पुलिस उपाधीक्षक दुद्धी (सीओ) राम आशीष यादव, प्रभारी निरीक्षक राघवेंद्र सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों से पूछताछ की। सीओ रामाशीष यादव का कहना है कि मृत गोवंश का पशु चिकित्सक से पोस्टमार्टम कराकर पशु स्वामी की मौजूदगी में उसे दफना दिया गया है। पीड़ित पशुपालक ने अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी है। जांच की जा रही है। इसमें जो भी दोषी मिलेगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।