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Sonebhadra News: पेयजल के संकट से जूझ रही तीस हजार आबादी

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सोनभद्र। नगर पालिका परिषद रॉबर्ट्सगंज के विस्तारित क्षेत्र की करीब 30 हजार आबादी अभी शुद्ध पेयजल की समस्या से जूझ रही है। सिटी वॉटर एक्शन प्लान (सीडब्ल्यूएपी) नहीं भरे जाने के कारण विस्तारित क्षेत्र अमृत योजना 2.0 से वंचित है। करीब ढाई साल पहले जिन 17 गांवों को नगर पालिका की सीमा में शामिल किया गया है, वहां पाइप लाइन से अभी तक पानी नहीं पहुंच सका है। गर्मी बढ़ने के साथ ही विस्तारित क्षेत्र के कई इलाकों में पानी की भारी किल्लत होने लगी है। नगर पालिका प्रशासन की तरफ से टैंकर से इन इलाकों में पानी की आपूर्ति कराई जा रही है।
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जनपद सोनभद्र में वर्ष 2021 में जल निगम शहरी एवं जल निगम ग्रामीण में कार्यों का बंटवारा हुआ था। इनके कार्य क्षेत्र शासन स्तर से बांट दिए गए। नगरीय क्षेत्र के वंचित इलाकों में अमृत योजना 2.0 के तहत पेयजल आपूर्ति के लिए सिटी वॉटर एक्शन प्लान (सीडब्ल्यूएपी) भरवाए गए थे। उस समय नगर पालिका परिषद सोनभद्र की सीमा का विस्तार नहीं हुआ था। तब इन इलाकों में सीडब्ल्यूएपी भरे जाने की जिम्मेदारी जल निगम ग्रामीण की थी। मगर सीडब्ल्यूएपी नहीं भरवाया गया। वर्ष 2022 में जब तक नगर की सीमा का विस्तार हुआ और जल निगम शहरी को विस्तारित क्षेत्र में पेयजल समस्याओं का निस्तारण करने की जिम्मेदारी मिली, तब तक शासन स्तर से सीडब्ल्यूएपी भरे जाने की प्रक्रिया बंद कर दी गई थी। इससे नगर की सीमा में शामिल होने के बाद भी विस्तारित क्षेत्र को अमृत योजना 2.0 में शामिल नहीं किया जा सका। इससे विस्तारित क्षेत्र में पेयजल की समस्या बनी हुई है। करीब 30 हजार की आबादी पानी की समस्या से बेहाल है।


विस्तारित क्षेत्र का कराया जा चुका है सर्वे

जल निगम शहरी की तरफ से विस्तारित क्षेत्र में सर्वे कराया जा चुका है। अधिकारियों के मुताबिक, विस्तारित क्षेत्र को पांच जोन में बांटा गया है। इस नाते विस्तारित क्षेत्र में पांच ओवरहेड टंकी का निर्माण प्रस्तावित है। करीब 120 किमी लंबी पाइप लाइन बिछाई जाएगी। इस पर करीब 1.10 करोड़ की लागत आएगी। विस्तारित क्षेत्र को अमृत योजना 2.0 में शामिल किए जाने का इंतजार है।
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ठोस पैरवी की है जरूरत

जल निगम शहरी के अधिकारियों के अनुसार, नगर पालिका के विस्तारित क्षेत्र को अमृत योजना 2.0 में तभी शामिल किया जा सकता है, जब कोई शासनादेश जारी हो। शासन स्तर से ही ऑनलाइन सीडब्ल्यूएपी भरे जाने की प्रक्रिया बंद है। यदि शासन की तरफ से सीडब्ल्यूएपी भरे जाने का निर्देश मिलेगा, तभी आगे की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। इसके लिए जिले के जनप्रतिनिधियों को शासन स्तर पर ठोस पैरवी करनी होगी।
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दिशा की बैठक में उठ चुका है मुद्दा

नगर पालिका परिषद सोनभद्र की सीमा में शामिल 17 गांवों में पेयजल समस्या का स्थायी समाधान किए जाने का मुद्दा बीते दिनों दिशा की बैठक में उठाया जा चुका है। नगर पालिका अध्यक्ष रूबी प्रसाद ने दिशा की बैठक में बताई कि विस्तारित क्षेत्र उरमौरा, बिचपई, लोढ़ी, छपका आदि इलाकों में गर्मी में पेयजल की समस्या बढ़ जाती है। इसलिए विस्तारित क्षेत्र को अमृत योजना 2.0 में शामिल करके इसका समाधान कराया जाए।

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वर्जन:
सिटी वाॅटर एक्शन प्लान नहीं भरे जाने के कारण नगर के विस्तारित क्षेत्र को अमृत योजना 2.0 में शामिल नहीं किया जा सका है। शासन स्तर से ऑनलाइन प्रक्रिया भी बंद है। विस्तारित क्षेत्र का सर्वे कराया गया है। शासन के निर्देश पर ही आगे की कार्रवाई होगी। - मो.अयाज, एक्सईएन-जलनिगम शहरी मिर्जापुर।
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