सोनभद्र जिले के म्योरपुर थाना क्षेत्र की 13 वर्षीय किशोरी के बिना शादी मां बनने के मामले को लेकर शुक्रवार को प्रोबेशन विभाग की टीम संबंधित गांव पहुंची। टीम ने किशोरी और आरोपी किशोर के बालिग होने के बाद शादी किए जाने पर सहमति बनवाई। टीम ने दोनों पक्षों के बीच सुलह करा दिया।
किशोरी का उसी गांव के 16 वर्षीय किशोर के साथ संबंध हो गया है। इसके बाद किशोरी गर्भवती हो गई। कुछ दिनों पूर्व किशोरी ने एक स्वस्थ लड़के को जन्म दिया, लेकिन प्रेमी और उसके परिवार वालों ने किशोरी को अपनाने से इनकार कर दिया। तब मामला प्रोबेशन अधिकारी और पुलिस के पास पहुंचा। इसके बाद अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया।
बाल संरक्षण अधिकारी गायत्री दुबे के नेतृत्व में शुक्रवार को गांव पहुंची टीम ने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया। इसमें प्रेमी और उसके परिवार वाले किशोरी को अपनाने के लिए लिखित रूप से तैयार हुए। यह तय हुआ कि दोनों नाबालिग हैं। ऐसी स्थिति में पांच साल के बाद शादी होगी। बाल संरक्षण अधिकारी के मुताबिक, शपथ पत्र पर दोनों पक्षों के हस्ताक्षर हुए हैं। दोनों नाबालिग हैं। इसलिए बालिग होने के बाद शादी करेंगे। तब तक किशोर और किशोरी अपने-अपने घर रहेंगे।
इस संबंध में जिला प्रोवेशन अधिकारी डॉ. अमरेंद्र ने कहा कि टीम ने जो भी किया है, उसकी विस्तृत जानकारी नहीं है। लेकिन जो कानून कहेगा, उसी हिसाब से कार्य किया जाएगा।