कुछ दिनों पूर्व सदर तहसील में संदिग्ध परिस्थितियों में लगी आग से महत्वपूर्ण दस्तावेज जलने का मामला सामने आया था। गर्मी के साथ ही जिले में आग की घटनाएं भी बढ़ गईं हैं।
आमजन को आग से बचाव की सीख देने वाले जिम्मेदार जिले के सरकारी कार्यालयों में नियमों की अनदेखी पर मौन हैं। तीन मंजिला विकास भवन में भी आग से बचाव के इंतजाम नहीं हैं।
जिम्मेदार व्यवस्थाएं दुरुस्त करने पर भी ध्यान नहीं दे रहे। सोमवार को सरकारी कार्यालयों की पड़ताल की गई। जहां स्थिति बेहद हैरान करने वाली थी।
कई प्रमुख अस्पतालों में फायर सिलिंडर तक नहीं लगाया गया है। तो कई जगह उसकी मियाद खत्म हो चुकी है। राबर्ट्सगंज नगर पालिका कार्यालय में भी आग से बचाव के इंतजाम नदारद हैं।
तीन मंजिला इमारत में चल रहे विकास भवन में 20 से अधिक विभागों का संचालन हो रहा है। अधिकांश कार्यालय दो से तीन कमरों में संचालित हैं। हर विभाग के मुख्य अधिकारी कक्ष के साथ ही अन्य कर्मचारी भवन में कार्यरत हैं।
यहां अधिकांश कार्यालयों में अग्निशमन यंत्रों को लेकर कोई प्रबंध नहीं किया गया है। कार्यालय में एक से दो जगह ही अग्निशमन यंत्र मिले। जिनकी तिथी महीनों पहले खत्म हो चुकी है। वह उपयोग के लायक नहीं है।
तहसील में लगी थी आग पर नहीं हुए इंतजाम
राबर्ट्सगंज तहसील में कुछ दिनों पूर्व रात के वक्त छत पर संदिग्ध परिस्थितियाें में आग लगी थी। जहां दो से तीन स्थानों पर महत्वपूर्ण कागजात जलते मिले थे। तब कुछ लोगों ने दो संदिग्धों को भागते भी देखा था। हालांकि जिम्मेदार मामले के लीपापोती में लगे रहे। तहसील परिसर में पर्याप्त मात्रा में फायर सिलिंडर तक नहीं लगाया गया है। अन्य तहसीलों का भी हाल यहीं है। ऐसे में हादसे के समय स्थिति भयाभय हो सकती है। इसके बाद भी जिम्मेदार इसको लेकर गंभीर नहीं हैं।
तारों का मकड़जाल, जमीन पर महत्वपूर्ण कागजात
राबर्ट्सगंज विद्युत वितरण निगम के कार्यालय में कई जगह खुली वायरिंग का मकड़जाल भी हादसे का कारण बन सकता है। खुली हुई वायरिंग के पास सैकड़ाें की संख्या में रजिस्टर मौजूद हैं। वहीं कपड़े के बडंलों में भी महत्वपूर्ण रिकार्ड जमीन पर रखे गये हैं। इससे शार्ट सर्किट होने पर बड़ी घटना हो सकती है। जिम्मेदारों ने इसे भी व्यवस्थित नहीं कराया है।
हर साल लगती है आग, फिर भी लापरवाह
जिले में स्वास्थ्य विभाग के स्टोरों में कई बार संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग चुकी है। पिछले साल भी स्वास्थ्य विभाग के स्टोर में आग से लाखों रुपये की क्षति हुई थी। हालांकि सीएमओ कार्यालय में आग से बचाव के इंतजाम नहीं है। पिछले नगर में स्थित सीएमएसडी स्टोर में आग लगी थी। हालांकि पड़ताल के दौरान सामने आया कि स्टोर में करोड़ों के सामान और उपकरण मौजूद हैं। मगर आग से बचाव के इंतजाम नदारद हैं।
बीएसए कार्यालय और जिला पंचायत का हाल खराब
राबर्ट्सगंज नगर स्थिति जिला पंचायत विभाग के कार्यालय में आग से बचाव का कोई प्रबंध नहीं है। जगह-जगह महत्वपूर्ण फाइलें रखी हैं। ऐसे में स्थिति काफी खराब हो सकती है। उरमौरा स्थित बीएसए कार्यालय जहां से जिले के 2070 परिषदीय स्कूलों की निगरानी होती है। सैकड़ों निजी विद्यालयों की जिम्मेदारी भी विभाग संभालता है। मगर बीएसए कार्यालय में खुद ही आग से बचाव का कोई प्रबंध नहीं हैं। ऐसे में सरकारी स्कूलों की स्थिति का आकलन किया जा सकता है।
जिले के कार्यालयों का समय-समय पर भ्रमण कर आग से बचाव के इंतजामों को परखा जाता है। लोगों ने जरूरी संसाधनों को क्रियाशील रखने की अपील भी की जाती है। पुन: भ्रमण कर व्यवस्था को ठीक कराया जाएगा।
- करन कुमार, प्रभारी अग्निशमन।