ट्रेजरी का सामान ले जाने का विरोध करते दुद्धी में अधिवक्ता
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तहसील मुख्यालय पर बंद पड़े उप कोषागार में रखे फर्नीचर व अन्य सामान लेने आए विभागीय कर्मचारियों को अधिवक्ताओं का विरोध झेलना पड़ा। कड़े विरोध के चलते कर्मचारी खाली हाथ लौट गए। उप कोषागार चालू करने की मांग कर रहे अधिवक्ता सामान ले जाने देने के लिए तैयार नहीं थे।
कचहरी परिसर में स्थित उप कोषागार कई वर्षों से बंद है। यहां के उप कोषागार को जिले के कोषागार में समाहित कर दिया गया है। तब से सामान भी यहां पड़ा हुआ है। मंगलवार को दोपहर कोषागार के कर्मचारी सामान ले जाने पहुंचे। इसकी जानकारी होने पर बड़ी संख्या में पहुंचे अधिवक्ताओं ने सामान ले जाने का विरोध किया। कोषागार के कर्मचारियों ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे कोतवाली के एसएसआई बालेंद्र यादव ने अधिवक्ताओं को समझाया-बुझाया, लेकिन बात नहीं बनी। ऐसे में कर्मचारी बिना सामान लिए ही वापस लौट गए। अधिवक्ताओं का कहना था कि आजादी के बाद से ही दुद्धी तहसील मुख्यालय पर उप कोषागार निरंतर चला आ रहा था। शासन की उदासीनता से कुछ समय पहले इसे बंद कर दिया गया। अधिवक्ता लगातार इसका विरोध कर रहे हैं, मगर सिर्फ आश्वासन ही दिया जा रहा है। उप कोषागार खाली होने के बाद सारी उम्मीदें टूट जाएंगी।