सोनभद्र नगर के पूरब मोहाल में अपने ही बेटे को करीब एक माह से जंजीरों में जकड़ कर रखने वाले माता-पिता अंधविश्वास में जकड़े थे। मानसिक रोग से ग्रसित किशोर की हरकतें देख मौलवी ने उस पर जिन्न का साया होने की बात कही और उसे जंजीरों में जकड़कर रखने की सलाह दी।
मौलवी ने कहा था कि जिन्न अपने दुश्मन की हत्या कर वापस चला जाएगा। शनिवार को जिला अस्पताल के मानसिक रोग विभाग में काउंसिलिंग के दौरान यह बात सामने आई। डॉक्टर ने उपचार के बाद उसे दवा देकर घर भेज दिया।
चाइल्ड हेल्पलाइन लखनऊ को घर के अंदर किशोर को जंजीरों में जकड़कर रखने की सूचना मिली थी। इसके बाद बाल कल्याण समिति ने टीम गठित कर मौके पर भेजा गया। वहां का दृश्य देख बाल संरक्षण समिति व चाइल्ड लाइन की टीम अवाक रह गई थी।
17 वर्षीय किशोर को माता-पिता ने ही मोटी जंजीरों में जकड़कर रखा था। उसके हाथ-पैर में बेड़ियां पड़ी थीं। सिर्फ शौच जाने के लिए ही बेड़ी खोली जाती थी। खाना भी परिवार खुद खिलाता था। काफी प्रयास के बाद टीम ने किशोर को जंजीरों से मुक्त कराया।
शनिवार को उसे काउंसिलिंग के लिए जिला अस्पताल के मनोरोग विभाग में पेश किया गया। डॉ. ऋचा पांडेय ने उसकी काउंसिलिंग की। पता चला कि भदोही के गोपीगंज निवासी मौलवी ने घरवालों को ऐसा करने की सलाह दी थी। बताया कि उसके ऊपर जिस जिन्न का साया है, वह अपने दुश्मन से बदला लेना चाहता है।
उसे मारने के बाद वह खुद चला जाएगा। दुश्मन कौन था, यह किसी को नहीं पता था। बाल कल्याण समिति के सदस्य अमित सिंह चंदेल ने बताया कि काउंसिलिंग के बाद किशोर को घरवालों के सुपुर्द कर दिया गया। उन्हें कड़ी हिदायत दी गई है। किशोर पर भी निगरानी रखी जा रही है।