सोनभद्र। ग्राम पंचायतों में नियुक्त प्रशासकों के माध्यम से 25 लाख रुपये से अधिक धनराशि खर्च करने वाली पांच ग्राम पंचायतों की पत्रावलियां खंगाली जा रही है। सीडीओ की ओर से नामित टीम ने रविवार को ग्राम विकास अधिकारियों की ओर से उपलब्ध करा गए अभिलेखों की जांच की। टीम मौके पर जाकर कार्यों का निरीक्षण करेगी।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का बिगुल बजते ही ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो गया। इसके बाद डीएम ने प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्रशासक नियुक्त किया था ताकि गांवों में सामान्य कामकाज पर असर न पड़े। जिले की पांच ग्राम पंचायतों में एक जनवरी से 31 मई के बीच नियुक्त प्रशासकों ने विकास कार्य के नाम पर खूब धन खर्च किया। 25 लाख की निर्धारित सीमा भी पार कर ली। जब आंकड़ा शासन स्तर पर पहुंचा तो इन ग्राम पंचायतों में जांच कराने के निर्देश दिए गए। सीडीओ डॉ. अमित पाल शर्मा के निर्देश पर जांच के लिए डीडीओ रामबाबू तिवारी की अगुवाई में गठित तीन सदस्यीय टीम ने जांच तेज कर दी है। टीम में जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी, डीआरडीए के अभियंता भी हैं। टीम ने 25 लाख से अधिक धनराशि खर्च करने वाले म्योरपुर विकास खंड के ग्राम पंचायत जरहा, चोपन ब्लॉक के कोटा, बिल्ली-मारकुंडी, पानी और कोन विकास खंड के ग्राम पंचायत बागेसोती के सेक्रेटरी को खर्च के ब्यौरे के साथ रिकार्ड उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था, जिसे उपलब्ध करा दिया गया है। रविवार को भी डीडीओ ने अपने कैंप कार्यालय पर प्रशासकों द्वारा खर्च किए गए धन से जुड़े पत्रावलियों की गहनता से छानबीन की। जल्द ही टीम मौके पर जाकर कराए गए कार्यों की जांच करेगी। इसके बाद रिपोर्ट तैयार कर सीडीओ को सौंपेगी।
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जिले के पांच ग्राम पंचायतों में नियुक्त प्रशासकों के माध्यम से 25 लाख रुपये से अधिक धनराशि खर्च की गई है। इन ग्राम पंचायतों के सचिवों द्वारा कार्यों से संबंधित उपलब्ध कराए गए अभिलेखों की जांच की जा रही है। इसके बाद मौके पर जाकर कार्यों की जांच की जाएगी। - रामबाबू तिवारी, जिला विकास अधिकारी सोनभद्र