फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रोज चल रहा अभियान फिर भी सड़कों पर छुट्टा पशु

विज्ञापन
विज्ञापन
सोनभद्र। जिले में छुट्टा पशुओं की समस्या रोजाना बढ़ती ही जा रही है। नगर पालिका की ओर से छुट्टा पशुओं को पकड़ने के लिए दावे खूब होते रहे हैं, मगर हकीकत दावों से ठीक उलट है। ऐसे में सड़कों पर घूम रहे छुट्टा मवेशी राहगीरों की जान खतरे में डाल रहे हैं।
विज्ञापन

जिले में छुट्टा पशुओं के लिए तीन स्थाई और पांच अस्थाई पशु आश्रय स्थल बनाए गए हैं। इसके बावजूद जिले की सड़कों पर छुट्टा पशुओं की भरमार है। एक ओर जहां इनसे रोजाना सड़क हादसों के मामले में वृद्धि हो रही है तो वहीं राहगीरों में हादसे का भय बना रहता है। कुछ ऐसी ही हालत राबर्ट्सगंज नगर पालिका की है। नगर में छुट्टा पशुओं की समस्या बढ़ती ही जा रही है। दिन भर नगर में छुट्टा पशु सड़कों और गलियों में घूमते मिल जाएंगे। बढ़ौली चौक, मेन चौक, गुरूद्वारा, धर्मशाला चौक सहित अन्य इलाकों में राहगिरों और रहवासियों के लिए छुट्टा पशु समस्या बन गये हैं। मगर कभी भी जिम्मेदारों की नजर इस पर नहीं पड़ती। छुट्टा पशुओं के कारण हादसे की सूचनाएं भी अक्सर आ रही है। कभी किसी को यह धक्का देकर गिरा देते हैं तो कभी बाइक सवार इनकी चपेट में आने से गिरकर चोटिल हो जाते हैं।
अभियान में पकड़े गये पशु मिलते हैं सड़कों पर
जिले में छुट्टा पशुओं को पकड़ने के लिए अभियान चलाने का दावा किया जाता है। कई बार यह पशु भी सड़कों पर कुछ दिन बाद घुमते हुए मिलते हैं, जिन्हें अभियान में पकड़ा गया होता है। नगरवासियों का यहां तक कहना है कि अभियान के तहत पशु पकड़ लिए जाते हैं। मगर बाद में उन्हें छोड़ दिया जाता है।
विज्ञापन

नगर पालिका के ईओ विजय कुमार ने बताया कि नगर में समय-समय पर पशुओं को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाता है। पूर्व में भी अभियान चला कर काफी संख्या में पशुओं को पकड़ा गया था। अगर कहीं पशु सड़क पर दिखेंगे तो उन्हें आश्रय स्थल में भेजा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें