सोनभद्र। मौसम का मिजाज पहेली बनता जा रहा है। मार्च-अप्रैल में तेज धूप झेलने वालों को मई के अंत में ही बारिश ने पशोपेश में डाल दिया है। रविवार को फिर मौसम में बदलाव हुआ। सुबह ठंडी हवाओं के साथ तेज बारिश ने गर्मी का संत्रास झेल रहे लोगों को राहत पहुंचाई। दिन भर बादलों की लुकाछिपी बनी रही। शाम को फिर से ठंडी हवाओं से मौसम के रुख में बदलाव आया। ऊर्जांचल सहित कई इलाकों में भी दोपहर बाद तेज बारिश हुई। आंधी से कई पेड़ और बिजली के पोल गिर गए। इससे बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई। निकाय प्रशासन के साफ-सफाई के दावों की पोल खुल गई।
पिछले कुछ दिनों से लगातार मौसम में उतार-चढ़ाव का सिलसिला बना हुआ है। शनिवार की सुबह बूंदाबांदी के बाद शाम को भी मौसम सुहाना हो गया था। तेज हवाएं गर्मी से राहत देती रहीं। रविवार की सुबह कुछ देर के लिए धूप हुई। फिर देखते ही देखते आसमान में बादलों ने डेरा जमा लिया। करीब आधे घंटे तक पछुआ हवा के झोंको के बीच तेज बारिश ने मौसम खुशनुमा कर दिया। हालांकि इसके बाद फिर से धूप निकलने से उमस में वृद्धि हुई। नगर के कई मोहल्लों में सड़क पर गड्ढों में बारिश का पानी भरने से राहगीर परेशान रहे।
बारिश को खेती के लिए लाभदायक माना जा रहा है। खरीफ फसलों की बोवाई के लिए किसान खेत तैयार करने में जुट गए हैं। वहीं जिन किसानों ने अगैती धान की नर्सरी डाल दी थी, उनके लिए बारिश ने थोड़ी राहत पहुंचाई है। उधर, दोपहर बाद ऊर्जांचल में बादलों की चहलकदमी तेज हुई। अचानक शुरू बारिश से एकबारगी मध्य जेठ में ही सावन का अहसास होने लगा। करीब आधे घंटे की बारिश ने उमस से बेहाल जनता को राहत पहुंचाई। बिना किसी तैयारी के घरों से बाहर निकले लोग बारिश से बचने के लिए ठिकाना ढूंढते दिखे। बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। समय से नाले-नालियों की सफाई न होने के कारण बारिश के बाद कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति भी बन गई। अनपरा क्षेत्र में मेन सड़क के किनारे बनी नालियों के जाम होने से वर्षा जल नालियों में न जाकर सड़क पर ही बहता रहा। बिन मौसम बारिश को विशेषज्ञ वातावरण में बदलाव का असर बता रहे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के प्रेक्षक राजन सिंह का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम में ऐसे ही उतार-चढ़ाव की संभावना है। बारिश के बाद रविवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री तक पहुंच गया।
रेणुकूट। नगर व आसपास के क्षेत्र में रविवार को आई तेज आंधी और बरसात के कारण दर्जनों पेड़ गिर गए। इससे विद्युत आपूर्ति भी बाधित हो गई। बिजली गुल होने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
रेणुकूट नगर में रविवार की दोपहर एक बजे आई तेज आंधी तूफान की वजह से दर्जनों पेड़ धराशाई हो गए। इससे पूरे नगर क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति भी बाधित हो गई। कई जगह पेड़ गिरने से उसके नीचे वाहन भी दब गए और कई वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हिंडालको कॉलोनी परिसर में महिला मंडल स्कूल के समीप विशालकाय यूकेलिप्टस का पेड़ गिर जाने से उसके नीचे दो कार दबकर क्षतिग्रस्त हो गई। वाहन मालिक मोहम्मद मुस्तकीम ने बताया कि उन्होंने अपनी कार पार्किंग एरिया में खड़ी की थी और यूकेलिप्टस के पेड़ गिर जाने से उनकी नई अर्टिगा कार क्षतिग्रस्त हो गई। इसके अलावा पिपरी, रेणुकूट व मुर्धवा इलाके में दर्जनों पेड़ गिर गए, कुछ जगह तो खंभे भी टेढ़े हो गए हैं जिससे विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई है। बिजली कर्मी आपूर्ति बहाल करने में लगे हैं लेकिन ज्यादा जगह तार क्षतिग्रस्त होने से सोमवार को बिजली आपूर्ति बहाल होने की संभावना है।
म्योरपुर/आसनडीह। रविवार को दोपहर बाद आंधी-बारिश से कई जगह पेड़ गिर गए। गोविंदपुर आश्रम मोड़ पर इमली का पेड़ गिरने से मुर्धवा-बीजपुर मार्ग पर चार घंटे तक आवागमन बाधित रहा। ग्रामीणों की मदद से पेड़ काटकर हटाए जाने के बाद जाम खुला। जाम के कारण तमाम लोगों ने कुसम्हा के रास्ते रासपहरी होते हुए आगे का सफर तय किया। आंधी से कई जगह बिजली के पोल व तार भी टूट गए। बभनी ब्लाक के 40 ग्राम पंचायतों में बिजली के तार व खंभे गिरने से आपूर्ति बाधित हुई। जेई बिहारी लाल ने बताया कि मरम्मत के बाद जल्द ही बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। ग्रामीण जगतलाल, रामदेव, रामसिंह,सूरजदेव, राजकुमार, नंदकुमार आदि ने जिलाधिकारी का ध्यान आकर्षित कराते हुए कार्रवाई की मांग की है।