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सोनभद्र: राज्य महिला आयोग की सदस्य ने की जनसुनवाई, कहा- महिला उत्पीड़न के मामलों में करें त्वरित कार्रवाई

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केकराही क्षेत्र में एक विद्यालय का निरीक्षण करती राज्य महिला आयोग की सदस्य अनीता सिंह। - फोटो : SONBHADRA
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राज्य महिला आयोग की सदस्य अनीता सिंह ने बुधवार को सोनभद्र में कलेक्ट्रेट में महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की सुनवाई की। पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने के लिए विभागीय अफसरों को जांच में तेजी लाने की हिदायत दी। इस दौरान उन्होंने कोविड काल में बेसहारा हुए 14 बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का प्रमाण पत्र भी प्रदान किया।
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जागरूकता गोष्ठी में अनीता सिंह ने बताया कि जिले की महिलाओं की सुरक्षा और उत्पीड़न से मुक्ति सुनिश्चित कर जाए। महिलाएं भी अपने-अपने घर परिवार को देखते हुए समाज की मुख्यधारा से जुड़ें और दूसरी महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा जागरूक करें। बच्चों को स्कूल भेजें और उनकी शिक्षा के प्रति भी सजग रहें। तभी वे खुद के साथ अपने परिवार का विकास कर, आत्मनिर्भर की ओर अग्रसर हो सकेंगी।
महिला उत्पीड़न के प्रकरणों को समयबद्ध तरीके से निस्तारित करते हुए महिलाओं के मान-सम्मान को बनाए रखें। उन्होंने कोरोना काल में बेसहारा हुए 14 बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का प्रमाण पत्र देते हुए कहा कि बच्चों की देखभाल के प्रति सरकार बेहद गंभीर है। इनकी शिक्षा-दीक्षा व अन्य जरूरतों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। इस निमित्त ही इनके संरक्षकों को चार हजार रुपये प्रतिमाह की दर से धनराशि भी दी जा रही है। सीएमओ डॉ. नेम सिंह, प्रभारी जिला प्रोबेशन अधिकारी अजीत सिंह, डीसी एनआरएलएम एके जौहरी, डीपीआरओ विशाल सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर यादव, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी राजेश खरवार, ओमप्रकाश त्रिपाठी, सीमा द्विवेदी, साधना, गायत्री दुबे, शेषमणि दुबे आदि रहे।
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डीपीआरओ के रवैये पर बिफरीं महिला आयोग की सदस्य
पंचायत भवन केकराही पर राज्य महिला आयोग की सदस्य अनीता सिंह ने ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के साथ गोष्ठी कर उनकी समस्याओं को सुना। इस दौरान ग्राम प्रधानों ने डेढ़ माह से करमा ब्लॉक के 15 ग्राम पंचायतों में सचिव का पद रिक्त होने के कारण गांव की समस्याओं का समाधान न हो पाने की शिकायत की। महिला आयोग की सदस्य ने बीडीओ से पूछा तो उन्होंने ब्लॉक से प्रस्ताव बनाकर डीपीआरओ कार्यालय भेजने की जानकारी दी। बताया कि जिले से अनुमोदन नहीं हो पाया है। इस पर उन्होंने डीपीआरओ की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताते हुए उच्चाधिकारियों से वार्ता की बात कही।
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