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सोनभद्र पुलिस को मिली बड़ी सफलता: रास्ते से गायब 1.60 करोड़ का एल्युमिनियम लदा ट्रक बरामद, 6 आरोपी अरेस्ट

Sat, 23 Mar 2024 06:15 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र

सार

Sonbhadra News: घटना की छानबीन के लिए एसपी ने प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम को सक्रिय किया। सर्विलांस की मदद से टीम ने जब ट्रक चालकों, उनके मालिक व बिचैलिए के फोन को ट्रेस किया तो तीनों में संदीप गिरी नाम का व्यक्ति बराबर तीनों के संपर्क में दिखा। जब उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो माल गायब होने की गुत्थी सुलझ गई। एसपी ने बताया कि घटना में कुल 11 लोगों की संलिप्तता मिली है।
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बरामद ट्रक और आरोपियों के साथ पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रेणुकूट से महाराष्ट्र के लिए निकले एल्युमिनियम लदे ट्रकों के बीच रास्ते से गायब होने के मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया। ट्रकों के मालिक ने ही चालक व बिचैलियों की मिलीभगत से माल सहित ट्रक गायब करा दिया था। पुलिस ने इस मामले में तीन ट्रकों पर लदा करीब 62803 किलो एल्युमिनियम बरामद करते हुए छह जालसाजों को गिरफ्तार किया है। पांच अन्य की तलाश की जा रही है। ट्रकों पर लदे माल की कुल कीमत 1.60 करोड़ से भी अधिक है। पूरा माल फर्जी ई-वे बिल पर अहमदाबाद की एक फर्म को बेचा गया था।

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पुलिस लाइन सभागार में शनिवार को एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने मीडिया को बताया कि पिपरी थाने में 29 फरवरी को एक ट्रांसपोर्ट कंपनी के संचालकों ने एल्युमिनियम लदे ट्रकों के रास्ते से गायब होने का मुकदमा दर्ज कराया था। यह ट्रक 22 फरवरी को रेणुकूट से एल्युमिनियम लादकर जेएसडब्ल्यू स्टील डोल्बी रायगढ़ महाराष्ट्र के लिए निकले थे। जीपीएस लगे यह वाहन लोकेशन नागपुर तक गए, इसके बाद महाराष्ट्र न जाकर गुजरात का रुख कर लिए थे। ट्रकों के चालकों का मोबाइल बंद हो गया और मालिक ने इससे पल्ला झाड़ लिया था।
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एसपी ने गठित किया टीम
घटना की छानबीन के लिए एसपी ने प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम को सक्रिय किया। सर्विलांस की मदद से टीम ने जब ट्रक चालकों, उनके मालिक व बिचैलिए के फोन को ट्रेस किया तो तीनों में संदीप गिरी नाम का व्यक्ति बराबर तीनों के संपर्क में दिखा। जब उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो माल गायब होने की गुत्थी सुलझ गई। एसपी ने बताया कि घटना में कुल 11 लोगों की संलिप्तता मिली है। पूरे मामले का मास्टर माइंड गुजरात के सूरत निवासी संदीप गिरी निकला।

एसपी ने बताया कि खंडाला निवासी राजेश ने एक वाहन के चालक भूपति भाई लखबीर को अपने नाम का सिम उपलब्ध कराया था, जबकि संदीप ने माल बिक्री के लिए बिचैलिए की भूमिका निभाई। वाहनों के स्वामी इमरान ने काकू उर्फ निर्भय, अशोक व संदीप गिरि की मदद से माल को बेचने के लिए अजमल खान और अशफाक खान से संपर्क किया।

अशफाक और अजमल ने अपने संबंधियों की फर्म (गुलशन मेटल फर्म अहमदाबाद गुजरात) से फर्जी ई-वे बिल तैयार कर वाहनो में लदे माल को एक अन्य वाहन पर लादकर एको आदित्य मेडल फैक्ट्री झाक अहमदाबाद, संपत एल्युमिनियम प्राइवेट लिमिटेज सांतेज अहमदाबाद को बेच दिया था। एसपी ने बताया कि तीन ट्रकों और उसमें लदा करीब 62803 किलो माल बरामद करते हुए सभी आरोपियों पर केस दर्ज किया गया है। इनमें छह को गिरफ्तार कर लिया है।
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इन पर दर्ज हुआ केस
ट्रक चालक झाबुआ निवासी अनिल कमलिया, गुजरात निवासी खंडाला राजेश भाई, मास्टर माइंड सूरत निवासी संदीप गिरी, माल को नष्ट करने के लिए वाहन उपलब्ध कराने वाले अहमदाबाद निवासी तेली मोहनलाल नगजी राम, फर्जी ई-वे बिल तैयार करने वाला अहमदाबाद निवासी अजमल खान उर्फ राजा, अशफाक खान, रेणुकूट से माल लोड कराने वाला बिचैलिया काकू उर्फ निर्भय मधुसूदन, ट्रकों का स्वामी राजकोट निवासी इमरान काजी, चालक लाला उर्फ भूपत भाई, सूरत निवासी अशोक, सह चालक अहमदाबाद निवासी शिवालय कुमार धीरज लाल के विरुद्ध केस दर्ज किया है। इसमें अनिल, खंडाला राजेश, संदीप गिरी, तेली मोहनलाल, अजमल व अशफाक को गिरफ्तार कर लिया गया।

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