बात चाहे 2014 के चुनाव की हो या 2019 की। मतदान में महिलाओं का उत्साह पुरुषों पर भारी रहा है। 'अन्य दिनों में भले ही वह चहारदीवारी में रहती हों, लेकिन मतदान दिवस पर घरों से बाहर आकर वोट देने में नहीं हिचकतीं। पिछले चुनावों के आंकड़ों पर गौर करें तो पूर्वांचल की 13 संसदीय सीटों में से दस पर महिलाओं ने वोट देने में पुरुषों को भी पीछे छोड़ दिया है।
चंदौली, गाजीपुर और आजमगढ़ की महिलाएं वोट देने में सबसे आगे हैं। सबसे ज्यादा लिंगानुपात वाले जौनपुर जिले में तो दोनों सीटों पर महिलाओं और पुरुषों के बीच वोट का अंतर सात प्रतिशत से भी ज्यादा रहा। वोटिंग के मामले में वाराणसी की महिलाएं ज्यादा कंजूस हैं। यानी पूर्वांचल में वह सबसे निचले पायदान पर हैं।
लोकतंत्र की मजबूती के लिए चुनाव आयोग मतदान प्रतिशत बढ़ाने पर खूब जोर दे रहा है। इसके लिए स्वीप के माध्यम से जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का असर पुरुषों से ज्यादा महिलाओं पर दिखा है। अपने मताधिकार के प्रति वह अधिक सजग हैं। दोनों ही चुनावों में मतदान प्रतिशत बढ़ने के पीछे महिला बलिया मतदाताओं की भूमिका सबसे अधिक जौनपुर रही।
यह बात अलग है कि 13 में से मछलीश सिर्फ दो सीटों से ही महिला प्रत्याशी को गाजीपुर संसद पहुंचने का मौका मिल सका। आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2014 और 2019 के चुनावों में सबसे ज्यादा मतदान चंदौली लोकसभा सीट पर हुआ था। यहां दोनों बार 61 फीसदी से मि अधिक वोट पड़े थे।
| लोस सीट |
पुरुष |
महिला |
कुल |
| लालगंज |
50.07 |
60.00 |
54.86 |
| आजमगढ़ |
53.81 |
61.52 |
57.56 |
| गाजीपुर |
54.88 |
59.69 |
57.31 |
| सलेमपुर |
51.61 |
58.92 |
55.43 |
| बलिया |
52.90 |
54.97 |
54.35 |
| जौनपुर |
52.48 |
59.13 |
55.77 |
| मछलीशहर |
51.92 |
60.33 |
56.02 |
| गाजीपुर |
56.35 |
61.04 |
58.88 |
| चंदौली |
61.35 |
61.64 |
61.83 |
| वाराणसी |
59.03 |
54.54 |
57.13 |
| भदोही |
50.91 |
56.39 |
53.53 |
| मिर्जापुर |
60.34 |
59.69 |
60.11 |
| रॉबर्ट्सगंज |
57.54 |
57.03 |
57.37 |