विंध्याचल मंडल के उपनिदेशक पंचायतीराज एके शाही ने सोमवार को सोनभद्र में म्योरपुर के ब्लाक परिसर में बभनी और म्योरपुर ब्लाकों में संचालित सरकार की प्राथमिकता वाले बिंदुओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता में पंचायत भवनों को मिनी सचिवालय के रूप में विकसित करने की योजना है। पंचायत सहायक की भर्ती कर उन्हें मिनी सचिवालय पर ही रखा जाएगा।
उन्होंने बताया कि पंचायत सहायक की भर्ती में पूरी पारदर्शिता बरतनी होगी। कहा कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के अंकों के प्रतिशत का आधा करके ही चयन प्रक्रिया को पूर्ण करना है। इस दौरान उन्होंने पंचायत भवनों के निर्माण की समीक्षा भी की और अधूरे पंचायत भवनों को पूर्ण करने का निर्देश दिया। इसके अलावा उन्होंने कंपोस्ट पिट, सोक पीट आदि की संख्या के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यदि पिट अधिक संख्या में निर्मित हो गए हैं तो उनकी जियो टैगिंग होती रहनी चाहिए।
मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के तहत 15 अगस्त तक हर ब्लॉक की पांच अच्छी ग्राम पंचायतों का चयन कर ले और उन्हें ऑनलाइन करा दें, जिससे उन्हें भविष्य में पुरस्कार राशि मिल सके। इस योजना के तहत पांच लाख रुपये पुरस्कार राशि दिया जाना है। कहा 12 बैठकों की कार्य वृत्ति के आधार पर ही उन्हें अंक देना है। यही नहीं छह समितियों के बैठकों की कार्य वृत्ति भी जरूरी है। उसी आधार पर ही उन्हें अंक देना है और इस योजना के तहत पुरस्कार राशि में शामिल करना है। बैठक के दौरान सहायक विकास अधिकारी पंचायत म्योरपुर रविदत्त मिश्रा, बभनी राम दर्शन यादव, राम नारायण सिंह, सुनील यादव, सुरेंद्र कुमार, समर बहादुर, अरुण वर्मा, दीपक सिंह, अरुण यादव, अखिलेश दुबे आदि रहे।