उधर, पुलिस का मानना है कि चक्कर आने से वह नाली में गिर गए होंगे। पुलिस ने पंचनामा के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए दुद्धी भेज दिया। प्रभारी निरीक्षक मिथिलेश मिश्रा ने बताया कि मौके की स्थिति व परिजनों के बयान से प्रथमदृष्टया मामला दुर्घटना का लग रहाहै। इसके बावजूद पुलिस अन्य पहलुओं पर भी बारीकी से जांच कर रही है। पंचनामा के दौरान एनसीएल कार्मिक अधिकारी एके राय, श्रम यूनियन के नेता अशोक धारी व प्रभाकर त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
एक साल से स्वास्थ्य नहीं था ठीक
कार्मिक अधिकारी राधा मोहन के बारे में जो बताया जा रहा है उसके मुताबिक उनका स्वास्थ्य करीब एक साल से ठीक नहीं था, उनका इलाज चल रहा था। उन्हें अचानक चक्कर आने जैसी बीमारी बताई जा रही है। शनिवार को ड्यूटी में थे और उसके बाद अपने आवास खड़िया पहुंचे।
राधामोहन पहले एनसीएल में लिपिक के पद पर कार्यरत थे बाद में विभागीय सेलेक्शन के आधार पर अधिकारी बने और सीसीएल में ट्रांसफर हो गया। पुन: अधिकारी पद पर एनसीएल आए। वर्तमान में जयंत परियोजना में पदस्थ थे।