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विधायक विजय मिश्रा प्रकरणः एमएलसी रामलली मिश्रा को एमपीएमएलए कोर्ट से नहीं मिली राहत

Fri, 04 Sep 2020 07:25 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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एमएलसी सीट पर काबिज रामलली - फोटो : अमर उजाला
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सोनभद्र से एमएलसी रामलली मिश्रा की अग्रिम जमानत याचिका स्पेशल कोर्ट एमपी एमएलए ने पोषणीय ना होने के आधार पर खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा है अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई का क्षेत्राधिकार इस न्यायालय को नहीं है। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज डॉ बालमुकुंद ने विशेष लोक अभियोजक वीरेंद्र सिंह गोपाल जी और  एडीजीसी राजेश गुप्ता को सुनकर दिया है।

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प्रकरण जिला भदोही के गोपीगंज थाने का है। विधायक विजय मिश्रा, उनकी पत्नी एमएलसी रामलली और उनके पुत्र विष्णु मिश्र के खिलाफ गोपीगंज थाने में आपराधिक मुकदमा दर्ज है। रामलली मिश्रा की ओर से अग्रिम जमानत याचिका प्रस्तुत की गई । जमानत याचिका में  कहा गया कि उनकी अग्रिम जमानत अर्जी जनपद भदोही के जिला सत्र न्यायालय ने क्षेत्राधिकार ना होने के कारण खारिज कर दिया है । जिसके बाद विशेष न्यायालय में यह प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया है। वह एमएलसी हैं लिहाजा जमानत याचिका पर सुनवाई का क्षेत्राधिकार कोर्ट को है। 

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विधायक विजय मिश्र। - फोटो : अमर उजाला
अभियोजन की ओर से अग्रिम जमानत याचिका का इस आधार पर विरोध किया गया की अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई का क्षेत्राधिकार स्पेशल कोर्ट को नहीं है और इसे खारिज किया जाए। स्पेशल कोर्ट ने अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करने के बाद जमानत प्रार्थना पत्र पोषणीय न होने के आधार पर खारिज कर दिया। 

कोर्ट ने कहा कि इस न्यायालय का गठन एमपी एमएलए के लंबित आपराधिक मुकदमों के त्वरित निस्तारण के लिए हुआ है। न्यायालय को अंतरिम जमानत वा रिमांड की सुनवाई का क्षेत्राधिकार नहीं है ।और इस प्रकरण में अभी आरोपपत्र भी दाखिल नहीं है ।

इसका क्षेत्राधिकार घटना स्थल और जहां मुकदमा दर्ज किया गया है उस थाने के क्षेत्राधिकार वाले कोर्ट को है । लिहाजा इस जमानत प्रार्थना पत्र को जिला सत्र न्यायालय भदोही में ही प्रस्तुत किया जा सकता है।  इस न्यायालय को अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र की सुनवाई का क्षेत्राधिकार नहीं है। अर्जी पोषणीय नहीं है  लिहाजा इसे खारिज किया जाता है । कोर्ट ने विशेष कोर्ट के गठन के संबंध में जारी निर्देशों का भी हवाला आदेश में दिया है।
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