सोनभद्र। धन लेकर बालू-गिट्टी का परिवहन करने के आरोप में फंसे एक वनाधिकारी, उप क्षेत्रीय वनाधिकारी और अन्य वन कर्मियों की जांच शुरू हो गई है। अपर आयुक्त प्रशासन विंध्याचल मंडल रमेश चंद्र ने डीएम को मामले की जांच कराने के संबंध में पत्र भेजा है। उधर, जांच की भनक लगते ही अवैध खनन में लिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है।
वर्ष 2020 में जिले के एक व्यक्ति ने शासन स्तर पर सोनभद्र में तैनात एक वनाधिकारी समेत कई वनकर्मियों की अवैध खनन में लिप्त होने की शिकायत की है। उसका आरोप है कि अवैध खनन एवं परिवहन कराने के एवज में मोटी रकम वसूली जाती है। पौधरोपण कराने में भी खेल हुआ है। मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने डीएम को वन कर्मियों पर लगे आरोपों की जांच कराकर रिपोर्ट मुहैया कराने का निर्देश दिया।
पिछले दिनों अपर आयुक्त प्रशासन विंध्याचल मंडल रमेश चंद्र ने डीएम को पत्र भेजकर अवगत कराया है कि शिकायत के हर बिंदुओं की निष्पक्ष जांच कराते हुए रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। डीएम अभिषेक सिंह ने एडीएम को यह जिम्मेदारी सौंपी है। उधर, जांच की भनक लगते ही अवैध बालू और पत्थर के खनन कार्य में शामिल लोगों में खलबली मच गई है।