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सोनभद्रः ऊर्जा की राजधानी में विद्युत आपूर्ति वेंटिलेटर पर, कहीं मकानों के सहारे तो कहीं टेलीफोन के खंभों पर दौड़ रहे तार

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परासी आरओ प्लांट के सामने सिर के ऊपर लटक रहा जर्जर तार। - फोटो : SONBHADRA
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पावर कैपिटल के नाम से विख्यात ऊर्जांचल में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था वेंटिलेटर पर है। तार व खंभे जर्जर हैं। इससे आए दिन शार्ट-सर्किट से जहां अनपरा क्षेत्र की बिजली गुल हो जा रही है। वहीं कभी भी भीषण हादसे की आशंका भी बनी हुई है।
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हजारों मेगावाट विद्युत उत्पादन के कारण अनपरा परिक्षेत्र को पावर कैपिटल के नाम से जाना जाता है। यहां का नाम सुनते ही लोग रोशनी की चकाचौंध की कल्पना से रूबरू होते हैं लेकिन सच्चाई ठीक विपरीत है। लोगों का कहना है कि पिछले तीन महीने से परिक्षेत्र की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी है। दिन के साथ रात में भी अंधाधुंध विद्युत कटौती से सभी बेहाल हैं। लचर विद्युत आपूर्ति के लिए जर्जर आपूर्ति व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराते हुए नागरिकों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र के आधे से अधिक खंभे क्षतिग्रस्त हैं। हर तीन में से एक खंभे पर एंगल जोड़कर काम चलाया जा रहा है। तारों की दशा तो भयावह है। हर दस मीटर पर तारों में जोड़ है। हवा का जरा सा झोंका भी तार बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। खामियाजा आम नागरिकों को भुगतान पड़ रहा है। पारसी में तो एक ही पोल पर महज कुछ फीट की दूरी से गुजर रहे एचटी व एलटी लाइन के तारों के कारण आए दिन स्पार्किंग होती रहती है। लोगों ने डीएम का ध्यान आकृष्ट कराते हुए इस संबंध में तत्काल आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
सिर के ऊपर लटकते तारों से हादसे की आशंका
प्रभु प्रसाद ने बताया कि महीनों से घर के सामने मेन तार लटक रहा है। कई बार शिकायत की लेकिन विभाग की ओर से अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। राम बिलास प्रजापति ने बताया कि महीनों से क्षतिग्रस्त खंभा मकान के सहारे टिका होने के कारण बारजा गिरने लगा है।
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बोले अधिकारी :
विद्युत कटौती की निगरानी के लिए टीम का गठन किया गया है। आंकलन के बाद समस्या को दूर कर दिया जाएगा। इसके साथ ही जनप्रतिनिधियों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार तार खंभों को बदलने का इस्टीमेट बनवाया जा रहा है। कोई क्षेत्र छूट गया होगा तो सर्वे कराकर ऐसे क्षेत्रों को भी शामिल किया जाएगा। - एसके सिंह, एसडीओ पिपरी।
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