112 अति पिछड़े जिलों में विकास कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में सोनभद्र को पहला स्थान मिला है। टॉप 10 में शामिल जिलों में यूपी और बिहार के दो-दो जिले हैं।
देश के 112 अति पिछड़े जिलों में विकास कार्यक्रमों की रैंकिंग में सोनभद्र को पहला स्थान मिला है। नीति आयोग की ओर से जारी ताजा आंकड़ों में यूपी के सिर्फ दो जिले ही टॉप-10 सूची में शामिल हैं। इनमें सोनभद्र को पहली और श्रीवस्ती को 10वीं रैंक मिली है। जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों के समन्वित प्रयास को इसका श्रेय दिया है।
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स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, कृषि, बुनियादी ढांचा सहित अन्य बिंदुओं पर समीक्षा के बाद नीति आयोग ने देश के 112 अति पिछड़े जिले चिह्नित किए हैं। इनमें यूपी के आठ जिले हैं। सोनभद्र, चंदौली, चित्रकूट, फतेहपुर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच सबसे पिछड़े जिले माने गए हैं।
यहां बुनियादी विकास को गति देते हुए इन्हें सामान्य श्रेणी में लाने के लिए योजनाबद्ध ढंग से कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसकी प्रगति की नियमित समीक्षा भी नीति आयोग के माध्यम से हो रही है। बड़े भौगोलिक क्षेत्रफल और दुरूह परिस्थितियों के बावजूद सोनभद्र ने देश के अन्य सभी जिलों को पीछे छोड़ते हुए विकास कार्यक्रमों के कियान्वयन और सतत प्रगति में पहली रैंक हासिल की है। टॉप 10 में शामिल जिलों में यूपी और बिहार के दो-दो जिले हैं। इनके अलावा राजस्थान, मध्य प्रदेश, असम, तेलंगाना, झारखंड, आंध प्रदेश के एक-एक जिलों को जगह मिली है।
जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने इसका श्रेय अधिकारियों-कर्मचारियों के समन्वित प्रयास को देते हुए कहा कि कोरोना काल में भी जिले ने नीति आयोग के मापदंडों पर बेहतर ढंग से काम किया। योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ उसकी नियमित रिपोर्टिंग भी जारी रखी थी।