जनसामान्य और जनप्रतिनिधियों से भी दूरी का आरोप है। कमिश्नर की जांच में अनियमितताओं के लिए टीके शिबू को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है। ऐसे में उन्हें तात्कालिक प्रभाव से निलंबित करते हुए उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्यवाही की जाएगी। टीके शिबू 2012 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उन्हें 23 अक्तूबर 2021 को सोनभद्र के जिलाधिकारी के पद पर तैनात किया गया था।
वर्ष 2011 बैच के आईएएस अधिकारी चंद्र विजय सिंह सोनभद्र जिले के 38वें डीएम होंगे। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती जिले के सबसे बड़े खनन उद्योग की गड़बड़ियों को रोकना और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन की स्थापना करना होगी। गिट्टी बालू के अवैध खनन को लेकर जिला पहले भी चर्चा में रहा है।
खनन उद्योग जिले की लाइफ लाइन है तो सरकारी राजस्व का भी बड़ा स्रोत है। निजी फायदे में कायदा बिगाड़ने के कारण ही खनन कारोबारियों और प्रशासनिक अफसरों में टशन होती रही है। टीके शीबू के निलंबन के पीछे भी खनन का खेल मुख्य वजह माना जा रहा है।
चुनाव के दौरान जांच के नाम पर खनन पर रोक, लगातार हुई कार्रवाइयां और फिर चुनाव बीतते ही फिर से हरी झंडी देने के कारण वह काफी चर्चा में रहे। नए डीएम के लिए अवैध खनन रोकना और राजस्व की भरपाई बड़ी चुनौती होगी। इसके साथ ही वनाधिकार पट्टों के मामलों को निर्विवाद ढंग से निपटाना भी चुनौती मानी जा रही है।