सोन लिफ्ट कैनाल में नहाते समय तीन किशोरों के डूबने की खबर पाकर हर कोई घटनास्थल की ओर दौड़ पड़ा। खबर जब परिजनों तक पहुंची तो वह अवाक रह गए। उन्हें तो एकबारगी घटना पर यकीन ही नहीं हुआ। दरअसल, सभी किशोर घरवालों से बहाना कर नहाने के लिए सोन लिफ्ट कैनाल गए थे। किसी ने जिम जाने की बात घरवालों से कही थी तो कोई घर से एटीएम कार्ड लेकर पैसा निकालने के लिए गया था। हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। हादसे में सकुशल बचे यशराज और अब्दुल समद के पिता शुक्र मना रहे थे तो दूसरे किशोरों के परिजनों को ढांढस बंधाते रहे।
हादसे में जान गंवाने वाला शशांक नगर के एक कान्वेंट स्कूल का छात्र था। यशराज, अब्दुल समद और परमहंस भी उसी के साथ पढ़ते थे। वहीं लापता किशोर अभिषेक नगर के एक दूसरे स्कूल में इंटर में था। वह बचपन से ही अपने नाना रिटायर्ड रेलकर्मी मैनेजर प्रसाद के घर रहता था। परमहंस और अभिषेक पड़ोसी थे। सोमवार को सभी ने मिलकर लिफ्ट कैनाल में नहाने की योजना बनाई थी। किसी ने भी घरवालों को इसकी जानकारी नहीं दी। उन्हें पता था कि परिजनों को बताया तो वह किसी हाल में जाने नहीं देंगे। लिहाजा कोई जिम जाने का बहाना कर घर से निकला तो कोई एटीएम कार्ड से पैसे निकालने की बात कह आया था। घटनास्थल पर मौजूद मैनेजर प्रसाद बेसुध थे। वह बार-बार उस घड़ी को कोस रहे थे, जब नाती को पैसे निकालने के लिए एटीएम कार्ड थमाया था। जब भी कोई पानी से बाहर निकलता वह उम्मीद भरी निगाह से उसकी ओर देखने लगते। उनका कहना था कि बेटी ने अपनी अमानत उनके पास दी थी। अब वह उसे क्या कहेंगे।
उठो शशांक उठो... तुुम इतना बहादुर क्यों बनते थे...
पंप कैनाल में डूबे शशांक को बाहर निकालने के बाद पहले नगर के निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां उसकी हालत देख डॉक्टरों ने उपचार से हाथ खड़े कर दिए। तब परिजन जिला अस्पताल पहुंचे। अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचते ही डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। यह सुनते ही उसके साथ आए परिवार के लोग बिलख पड़े। परिवार की महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल था। चचेरी बहन बार-बार शशांक का नाम लेकर उसे उठा रही थी। वह कहती रही कि उठो शशांक उठो, तुमने यह क्या किया... आखिर तुम इतना बहादुर क्यों बनते थे। अब मां, पापा को कौन संभालेगा। उसने बताया कि घर पर शशांक अपनी मां के साथ था जबकि उसे लेकर पिता परीक्षा दिलाने बनारस गए थे। लौटते समय गाड़ी में ही हालचाल पूछने के लिए फोन लगाया तो दूसरी ओर से बिलखने की आवाज सुनाई दी। बेटे की मौत की खबर से मां सदमे में हैं। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर पिता भी बेसुध पड़े थे। लोग उन्हें संभालने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन जवान बेटे की मौत के दुख के आगे कोई शब्द काम नहीं आ रहे थे।
चुर्क पुलिस चौकी क्षेत्र के सोनलिफ्ट कैनाल में युवक के डूबने पर पहुंची पुलिस व भीड़।- फोटो : SONBHADRA
जिला अस्पताल में भर्ती सोनलिफ्ट कैनाल में डूबने से घायल युवक।- फोटो : SONBHADRA
सोनलिफ्ट कैनाल में युवक के डूबने से मौत पर जिला अस्पताल में शोकाकूल परिजन।- फोटो : SONBHADRA