शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित करने सहित सात सूत्री मांगों को लेकर संयुक्त शैक्षिक संगठन संघर्ष समिति ने सोमवार को धरना दिया। बीएसए कार्यालय पर धरने में शिक्षकों-शिक्षामित्रों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
धरने में वक्ताओं ने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों में करीब 1.48 लाख शिक्षामित्र वर्षों से निष्ठापूर्वक शिक्षण कार्य कर रहे हैं। अब उनके परिवार के भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया। पिछले आठ वर्षों से शिक्षामित्र निरंतर मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
मांग की कि शिक्षामित्रों को फिर से सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित किया जाय और इस प्रक्रिया को पूरी होने तक समान कार्य समान वेतन 12 माह तक दिया जाय। महिला शिक्षा मित्रों को उनके ससुराल व पति के जनपद वाले विद्यालयों में स्थानांतरित किया जाय।
शिक्षा मित्रों को उनके मूल विद्यालय या निकटतम विद्यालय में वापस होने का अवसर देते हुए मृतक शिक्षामित्रों के परिवार को नौकरी व आर्थिक सहायता दी जाए। सेवानिवृत्ति की आयु 62 वर्ष करते हुए पेंशन भत्ते भी दिए जाएं।
धरने में पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रविभूषण सिंह, प्राथमिक शिक्षक संघ के योगेश पांडेय, संतोष कुमारी, अशोक कुमार त्रिपाठी, शिवम अग्रवाल, कौशरजहां सिद्दीकी, राजकुमार मौर्य, अरूण कुशवाहा, दुर्गा शंकर मिश्र, अशोक श्रीवास्तव, रवींद्र बहादुर सिंह आदि मौजूद रहे।